बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को दानापुर में आयोजित जनसभा में राज्य के युवाओं के लिए अगले पांच वर्षों में 1 करोड़ रोजगार के अवसर देने का बड़ा वादा किया। उन्होंने कहा, पहले ही 10 लाख लोगों को सरकारी नौकरी दी जा चुकी है और 40 लाख लोगों को रोजगार के अवसर मिले हैं। आने वाले 5 वर्षों में 1 करोड़ युवाओं को नौकरी के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे।
पिछली सरकार और चुनौतियांनीतीश कुमार ने अपने संबोधन में पिछली सरकार के कार्यकाल के दौरान बिहार को झेलनी पड़ी समस्याओं को भी उजागर किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे में व्यापक कमी थी, समाज में धार्मिक विवाद और हिंदू-मुस्लिम बहसें आम थीं। मुख्यमंत्री ने मतदाताओं से आग्रह किया कि वे युवा पीढ़ी को पटना और राज्य की वास्तविक स्थिति के बारे में बताएं।
उन्होंने बताया, जब हमारी सरकार सत्ता में आई, तब शहर और राज्य के विकास को गति मिली। जिन्होंने दोनों चरण देखे हैं, वे युवाओं को हमारी सरकार बनने से पहले की पटना की स्थिति समझाएं।
शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधारमुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में शांति और सद्भाव स्थापित करने के साथ-साथ शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा को प्राथमिकता दी गई। बिहार लोक सेवा आयोग के माध्यम से अब तक 2,58,000 शिक्षकों की नियुक्ति की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि 2006 में प्रारंभ किए गए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर मुफ्त दवाइयां और उपचार सेवाएं अब अधिक प्रभावी हो चुकी हैं। पहले प्रतिदिन केवल 39 मरीजों का इलाज होता था, जबकि अब औसतन हर महीने 11,600 मरीज उपचार के लिए आते हैं।
बुनियादी ढांचे का विकासनीतीश कुमार ने कहा, राज्यभर में मेडिकल कॉलेजों का निर्माण और उद्घाटन जारी है। पहले केवल छह मेडिकल कॉलेज थे, अब संख्या बढ़कर बारह हो गई है। बेहतर आवागमन के लिए हमने पुल, बाईपास और एलिवेटेड सड़कें भी बनवाई हैं।
महिला सशक्तिकरण पर जोरमुख्यमंत्री ने बताया कि 1.21 करोड़ से अधिक महिलाओं को अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए 10,000 रुपये दिए गए हैं। जिन्हें व्यवसाय में सफलता मिलेगी, उनके लिए 2 लाख रुपये तक की राशि प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह पहल महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता और सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए है।
मुख्य मुकाबला: एनडीए बनाम महागठबंधन2025 के बिहार चुनाव में मुख्य मुकाबला राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) और महागठबंधन के बीच होगा। एनडीए में भाजपा, जनता दल (यूनाइटेड), लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास), हिंदुस्तान आवाम मोर्चा (सेक्युलर) और राष्ट्रीय लोक मोर्चा शामिल हैं।
महागठबंधन में कांग्रेस, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी), और विकासशील इंसान पार्टी (VIP) शामिल हैं। इसके अलावा, प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी ने राज्य की सभी 243 सीटों पर दावा किया है।
बिहार चुनाव 2025 के लिए मतदान क्रमशः 6 और 11 नवंबर को निर्धारित हैं, जबकि परिणाम 14 नवंबर को घोषित किए जाएंगे।