Bihar Election 2025: महागठबंधन में सीट शेयरिंग से पहले ही CPI ने जारी की पहली उम्मीदवार सूची

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के मद्देनजर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। महागठबंधन में सीट शेयरिंग अभी तक अंतिम रूप नहीं ले पाई है, लेकिन भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने पहले ही अपने प्रत्याशियों का एलान कर दिया है। इसी क्रम में CPI ने मंगलवार को अपनी पहली उम्मीदवार सूची सार्वजनिक की।

CPI की पहली सूची और प्रमुख उम्मीदवार


CPI ने अपने पत्र में बताया कि पहली सूची में निम्नलिखित उम्मीदवारों का चुनाव चिन्ह के साथ एलान किया गया है:

तेघड़ा: रामरतन सिंह

बखरी (सु.): सूर्यकान्त पासवान

बछवाड़ा: अवधेश कुमार राय

बांका: संजय कुमार

हरलाखी: राकेश कुमार पाण्डेय

झंझारपुर: राम नारायण यादव

इस सूची के अनुसार पार्टी ने इन उम्मीदवारों को इंडिया गठबंधन (महागठबंधन) के समर्थन से घोषित किया है।

दूसरी सूची की योजना

पत्र में यह भी उल्लेख किया गया कि दूसरी सूची में गोह, करगहर, बेलदौर, बिहारशरीफ, राजापाकर (सु.), केसरिया, चनपटिया और विक्रम विधानसभा क्षेत्रों के उम्मीदवारों की घोषणा महागठबंधन की सहमति मिलने के बाद की जाएगी।

सीटों पर CPI की नजर

CPI इस बार बिहार में छह से अधिक सीटों पर उम्मीदवार उतारने की योजना बना रही है। पिछली बार पार्टी ने छह सीटों पर चुनाव लड़ा था और उनमें से दो पर जीत हासिल की थी। इस बार पहली सूची में छह सीटों के बाद आठ विधानसभा क्षेत्रों के नाम सुझाए जा रहे हैं, जिन्हें गठबंधन की मंजूरी मिलने पर अंतिम रूप दिया जाएगा।

महागठबंधन में तनाव और CPI की रणनीति

हालांकि महागठबंधन में सीट शेयरिंग पर अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, CPI ने अपने उम्मीदवारों की सूची जारी कर राजनीतिक दबाव (pressure politics) बनाने की रणनीति अपनाई है। 2020 के विधानसभा चुनाव में वामपंथी दलों में सबसे अच्छा प्रदर्शन CPI-ML का रहा था, जिसमें 19 सीटों में 12 पर जीत हासिल हुई थी।

हरलाखी और झंझारपुर: विरासत और पुराने चेहरे

CPI ने हरलाखी से पूर्व विधायक राम नरेश पांडे के बेटे राकेश कुमार पांडे को और झंझारपुर से पुराने चेहरे राम नारायण यादव को अपना उम्मीदवार घोषित किया। हरलाखी सीट पर यह चुनाव पितृसत्तात्मक राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाने का अवसर माना जा रहा है।