वनडे क्रिकेट में विराट कोहली की वापसी शानदार रही। लगभग एक महीने के अंतराल के बाद मैदान पर उतरे किंग कोहली ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ पहले ही मैच में 102 गेंदों पर शतक जमाया। यह उनके वनडे करियर की 52वीं सेंचुरी है। कोहली ने 11 चौके और 7 छक्के लगाकर 120 गेंदों में 135 रन की दमदार पारी खेली। उनकी इस बेहतरीन पारी की बदौलत भारत ने दक्षिण अफ्रीका को 17 रन से हराया। मैच के बाद प्रेजेंटेशन के दौरान पूर्व कप्तान ने अपनी रणनीतियों और अनुभव साझा किए।
प्लेयर ऑफ द मैच के रूप में विराट की प्रतिक्रियाविराट कोहली ने कहा, आज का खेल बेहद मजेदार रहा। शुरुआती 20-25 ओवरों में पिच अच्छी थी, लेकिन धीरे-धीरे धीमी होने लगी। मैंने सोचा कि बस आए हुए गेंदों को हिट करूं और बाकी के बारे में ज्यादा न सोचूं। खेल का आनंद लेना ही मेरी प्राथमिकता थी। उन्होंने आगे कहा, जब आपको शुरुआत मिलती है और आप स्थिति के हिसाब से ढल जाते हैं, तब महसूस होता है कि इतने वर्षों में जो अनुभव जमा किया, वह काम आता है। यह आपको एक ठोस पारी खेलने में मदद करता है।
तैयारी और मानसिक स्थितिकोहली ने अपनी तैयारी पर कहा, मैं ज्यादा तैयारी को समर्थन नहीं देता। मेरा क्रिकेट मानसिक रहा है। जब तक मैं मानसिक रूप से खेल के लिए तैयार हूं, मैं हर दिन शारीरिक मेहनत करता हूं। यह सिर्फ क्रिकेट नहीं, बल्कि मेरे जीवन का तरीका है। मेरी फिटनेस अच्छी है और मानसिक रूप से मुझे आनंद आता है, तब मैं मैदान पर गेंद पर तेज प्रतिक्रिया दे सकता हूं।
रनों की भूख और मैच से पहले की दिनचर्याविराट ने रनों के प्रति अपनी भूख पर कहा, जैसा कि मैंने पहले भी कहा है, जब मैं मैदान पर उतरता हूं, तो 120% देने की कोशिश करता हूं। रांची पहुंचकर मैंने पहले दिन थोड़ा कंडीशन समझा, फिर दिन और शाम में बल्लेबाजी सत्र लिए। मैच से पहले एक दिन की आराम ली। मैं 37 साल का हूं, इसलिए रिकवरी पर ध्यान देना भी जरूरी है।
केवल वनडे में खेलने का फैसलाटी20 इंटरनेशनल और टेस्ट से संन्यास लेने वाले कोहली अब सिर्फ वनडे फॉर्मेट में ही खेलते हैं। उन्होंने कहा, मैं केवल एक फॉर्मेट में ही खेलता रहूंगा।
अनुभव और फॉर्म पर विचारअपने प्रदर्शन पर विराट ने कहा, पिछले 15-16 सालों में मैंने 300 से ज्यादा वनडे मैच खेले हैं। अभ्यास के दौरान सजगता और शारीरिक क्षमता लंबे समय तक बल्लेबाजी करने में मदद करती है। नेट्स में डेढ़-दो घंटे लगातार बल्लेबाजी करने की क्षमता भी इसे साबित करती है।
विराट ने आगे कहा, यदि फॉर्म गिरती है, तो आप मैचों पर ध्यान देते हैं और फॉर्म सुधारने की कोशिश करते हैं। लेकिन जब तक आप गेंद को अच्छी तरह हिट कर रहे हैं और अच्छा क्रिकेट खेल रहे हैं, मेरा अनुभव मुझे बताता है कि शारीरिक रूप से फिट और मानसिक रूप से तैयार रहना ही सबसे जरूरी है। बाकी सब अपने आप ठीक हो जाएगा।