लॉर्ड्स टेस्ट के पहले दिन इंग्लैंड की ओर से सबसे बड़े चमकते सितारे साबित हुए जो रूट, जो 99 रन बनाकर नाबाद लौटे। भारत के खिलाफ तीसरे टेस्ट के पहले दिन इंग्लैंड ने 4 विकेट पर 251 रन बनाए, जिसमें रूट की बेहद संयमित और धैर्यपूर्ण पारी ने टीम को शुरुआती झटकों से उबारते हुए मजबूत स्थिति में पहुंचाया।
इंग्लैंड के उपकप्तान ओली पोप ने दिन के खेल के बाद बीबीसी से बातचीत में कहा, जो रूट ने ड्रेसिंग रूम और पूरे देश को प्रेरणा दी है। उनका समर्पण और क्रिकेट के प्रति रवैया बेहद प्रेरणादायक है। उम्मीद है कि वे कल इस पारी को बड़ी पारी में बदलेंगे।
99 रन पर नाबाद लौटे रूट, रिकॉर्ड की दहलीज पर, भारत के खिलाफ ऐतिहासिक आंकड़ेजो रूट अब महज एक रन दूर हैं अपने 37वें टेस्ट शतक से। अगर वह शुक्रवार को यह उपलब्धि हासिल कर लेते हैं, तो वह स्टीव स्मिथ को पीछे छोड़ते हुए इस समय सक्रिय खिलाड़ियों में सबसे अधिक टेस्ट शतक बनाने वाले बल्लेबाज बन जाएंगे। इसके साथ ही वह श्रीलंका के कुमार संगकारा (38 शतक) से बस एक कदम पीछे रह जाएंगे।
रूट की यह पारी उनकी 67वीं अर्धशतकीय पारी रही, और उन्होंने अपनी बल्लेबाजी के दौरान 7 चौके लगाए। भारत के खिलाफ उनका यह प्रदर्शन एक बार फिर यह साबित करता है कि वे क्यों इंग्लैंड के सर्वकालिक सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज माने जाते हैं।
जो रूट अब टेस्ट क्रिकेट में भारत के खिलाफ 3000 रन पूरे करने वाले पहले बल्लेबाज बन गए हैं। उन्होंने अब भारत के खिलाफ 33 टेस्ट में 58 की औसत से रन बनाए हैं। इसके अलावा वे जैक्स कैलिस (13,289) और राहुल द्रविड़ (13,288) के आंकड़े से महज 77 रन पीछे हैं और जल्द ही टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची में तीसरे स्थान पर पहुंच सकते हैं।
स्टोक्स ने दिया साथ, पर रोका शतक, धीमी शुरुआत, लेकिन स्थिरता कायमकप्तान बेन स्टोक्स ने रूट के साथ मिलकर पारी को आगे बढ़ाया और 39 रन बनाकर नाबाद लौटे। हालांकि अंतिम ओवर में उन्होंने दूसरा रन लेने से मना कर दिया जिससे रूट का शतक अधूरा रह गया। माना जा रहा है कि स्टोक्स को ग्रोइन या एडक्टर में हल्की परेशानी हो सकती है, जो उनके गेंदबाजी में भी बाधा बन सकती है।
बाजबॉल युग में इंग्लैंड की यह सबसे धीमी शुरुआतों में से एक रही। पहले 100 रन बहुत धीमी गति से बने, और दोपहर के सत्र में रन रेट 2.75 तक गिर गया। इसके बावजूद रूट और स्टोक्स की साझेदारी ने टीम को स्थिरता दी।
भारतीय गेंदबाजों ने किया दबाव, पर रूट रहे अडिगजसप्रीत बुमराह और मोहम्मद सिराज की अगुआई में भारतीय गेंदबाजों ने सटीक लाइन और लेंथ के साथ गेंदबाजी की। पिच पर थोड़ी हरियाली होने के कारण स्पिनर्स रविंद्र जडेजा और वॉशिंगटन सुंदर को भी मदद मिली, जिन्होंने कुल 20 ओवर फेंके और एक विकेट लिया।
इन सबके बावजूद जो रूट ने कोई मौका नहीं दिया और अपनी लाजवाब तकनीक और मानसिक मजबूती का परिचय दिया। अगर वे शुक्रवार को तीन अंकों की संख्या तक पहुंचते हैं तो यह उनका भारत के खिलाफ 11वां टेस्ट शतक होगा, जिससे वह स्टीव स्मिथ के भारत के खिलाफ सबसे अधिक शतक के रिकॉर्ड की बराबरी कर लेंगे।