Lords में इंग्लैंड को फतेह कर विराट कोहली ने बना डाले ये रिकॉर्ड, मोहम्मद सिराज ने की इनकी बराबरी

इस साल ऑस्ट्रेलिया को उसके घर में सीरीज हार का मजा चखाने वाली टीम इंडिया अब इंग्लैंड में भी कुछ ऐसे ही इरादों के साथ खेल रही है। नॉटिंघम में खेले गए पहले टेस्ट में उसकी जीत सुनिश्चित नजर आ रही थी, लेकिन बरसात ने अरमानों पर पानी फेर दिया और ड्रॉ से संतोष करना पड़ा। भारत को अंतिम दिन 152 रन ही चाहिए थे, जबकि उसके 9 विकेट बचे थे। हालांकि लॉर्ड्स में ऐसी किसी चीज ने मेजबान टीम की मदद नहीं की और भारतीय टीम ने हैरतअंगेज खेल का प्रदर्शन करते हुए उसे 151 रन से रौंद दिया।

इस जीत के साथ ही भारतीय कप्तान विराट कोहली के खाते में कई रिकॉर्ड दर्ज हो गए। कोहली SENA (साउथ अफ्रीका, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया) देशों में सबसे ज्यादा 5 जीत दर्ज करने वाले एशियाई कप्तान बन गए। उनसे पहले ये रिकॉर्ड वसीम अकरम और जावेद मियांदाद के नाम था जिन्होंने पाकिस्तान को इन देशों में 4-4 टेस्ट में जीत दिलाई। महेंद्र सिंह धोनी 3 जीत के साथ चौथे नंबर पर हैं।


कोहली ने इस मामले में क्लाइव लॉयड को पछाड़ा

कोहली टेस्ट क्रिकेट के सबसे सफल कप्तानों की लिस्ट में चौथे नंबर पर आ गए हैं। उनके खाते में अब 37 जीत हो गई है। उन्होंने वेस्टइंडीज के क्लाइव लॉयड (36) को पीछे छोड़ दिया है। दक्षिण अफ्रीका के ग्रीम स्मिथ टेस्ट में सबसे सफल कप्तान हैं। उनकी कप्तानी में अफ्रीकी टीम 53 टेस्ट जीतने में सफल रही। ऑस्ट्रेलिया के रिकी पोंटिंग और स्टीव वॉ क्रमश: दूसरे और तीसरे स्थान पर हैं। पोंटिंग ने 48 और वॉ ने 41 टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया को जीत दिलाई। विदेशों में भारत की ओर से टॉस हारने के बाद 6 जीत के साथ सबसे ज्यादा टेस्ट जीतने के मामले में कोहली नं.1 पोजिशन पर आ गए हैं। सौरव गांगुली (5) दूसरे और धोनी (4) तीसरे स्थान पर हैं।


लॉर्ड्स में सिराज ने झटके 8 विकेट

लॉर्ड्स टेस्ट में भारत को जीत दिलाने में दाएं हाथ के युवा तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज की अहम भूमिका रही। सिराज ने 126 रन देकर 8 विकेट (दोनों पारियों में 4-4) लिए। सिराज भारत के केवल दूसरे गेंदबाज हैं जिनके नाम लॉर्ड्स में 8 विकेट लेने का रिकॉर्ड दर्ज है। इससे पहले वर्ष 1982 में लॉ़र्ड्स में कपिल देव ने 168 रन खर्च कर 8 विकेट चटकाए थे। इस लिस्ट में तीसरे नंबर पर बाएं हाथ के पूर्व तेज गेंदबाज आरपी सिंह हैं। आरपी ने 117 रन पर 7 विकेट झटके थे। खास बात यह है कि लॉर्ड्स में इंग्लैंड के कुल 19 विकेट गिरे और ये सभी भारतीय पेसर्स की झोली में आए। भारतीय क्रिकेट के इतिहास में यह तेज गेंदबाजों का दूसरा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ साल 2018 में सभी 20 विकेट पेसर्स के खाते में गए थे।