हेडिंग्ले टेस्ट : इस मैदान पर 54 साल से नहीं हारा भारत, इस दिग्गज को पसंद आई कोहली की आक्रामकता

भारत और इंग्लैंड के बीच पांच मैच की टेस्ट सीरीज जारी है। दो टेस्ट हो चुके हैं। नॉटिंघम में खेला गया पहला टेस्ट ड्रॉ रहा, जबकि लॉर्ड्स में हुए दूसरे टेस्ट में टीम इंडिया 151 रन से जीत दर्ज करने में सफल रही। अब तीसरा टेस्ट 25 अगस्त से हेडिंग्ले के लीड्स मैदान पर खेला जाएगा। भारत इस टेस्ट को जीतकर अपनी स्थिति मजबूत करना चाहेगा, जबकि इंग्लैंड की नजर वापसी कर सीरीज में बराबरी हासिल करने पर है। इस मैदान पर आंकड़े इंग्लैंड के पक्ष में हैं। दोनों टीमों के बीच अब तक हेडिंग्ले में कुल 6 टेस्ट खेले गए हैं। इनमें से दो टेस्ट भारत ने जीते हैं, जबकि तीन में उसे हार का सामना करना पड़ा और एक मैच ड्रॉ रहा है।


हेडिंग्ले में 2002 में हुए अंतिम टेस्ट में भारत को मिली थी जीत

भारत को यहां साल 1952, 1959 और 1967 में शिकस्त झेलनी पड़ी। इसके बाद 1979 में मुकाबला ड्रॉ रहा, जबकि साल 1986 और 2002 में भारत के खाते में जीत आई। पिछले 54 सालों में यहां भारत को हार नहीं मिली है। हेडिंग्ले में 5 से 9 जून 1952 तक खेला गया टेस्ट इंग्लैंड ने 7 विकेट, 2 से 4 जुलाई 1959 तक हुआ टेस्ट इंग्लैंड ने पारी और 173 रन और 8 से 13 जुलाई 1967 तक खेला गया टेस्ट इंग्लैंड ने 6 विकेट से जीता। 16 से 21 अगस्त 1979 को हुआ टेस्ट ड्रॉ रहा। भारत ने 19 से 23 जून 1986 तक हुए टेस्ट में 279 रन और 22 से 26 अगस्त 2002 तक खेले गए टेस्ट में पारी और 46 रन से जीत हासिल की।


पूर्व विकेटकीपर फारुख इंजीनियर ने ऐसे की कोहली की तारीफ

पूर्व विकेटकीपर फारुख इंजीनियर ने भारतीय कप्तान विराट कोहली की प्रशंसा की, लेकिन उनका मानना है कि उनकी आक्रामकता सीमा के भीतर होनी चाहिए। कोहली और जेम्स एंडरसन के बीच लॉर्ड्स में हुए दूसरे टेस्ट के दौरान नोंक-झोक हुई थी। इंजीनियर ने स्पोटर्स तक से चर्चा के दौरान कहा कि मैं कोहली का प्रशंसक हूं। वे एक आक्रमक कप्तान हैं। यह अच्छा है लेकिन इसकी सीमा होनी चाहिए। अगर ऐसा नहीं होगा तो मैच रेफरी और अंपायर हस्तक्षेप करेंगे।

कई बार कोहली काफी आक्रामक हो जाते हैं, लेकिन मुझे यह पसंद है। कोहली एक बहुत अच्छे कप्तान हैं। वे दुनिया के सबसे बेहतरीन बल्लेबाजों में से एक हैं। हम भी विपक्षी टीम को अपने मैदानी प्रदर्शन के जरिए जवाब देने पर ध्यान केंद्रित करते थे। वे हमें ब्लडी इंडियंस कहते थे। उन्होंने हमारे उच्चारण का उपहास किया, लेकिन मैंने उन्हें रन-विकेटकीपिंग और वह सब करके जवाब दिया।