यूएई की सरज़मीं पर एशिया कप 2025 का छठा मुकाबला भारत और पाकिस्तान के बीच खेला गया, जो खेल से ज्यादा भावनात्मक और राजनीतिक संदर्भों में चर्चित रहा। इस हाईवोल्टेज मैच में भारत ने पाकिस्तान को एकतरफा अंदाज में 7 विकेट से हराकर टूर्नामेंट में अपनी दूसरी जीत दर्ज की और सुपर फोर के लिए क्वालीफाई कर लिया। पाकिस्तान ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी का फैसला लिया, लेकिन भारतीय गेंदबाज़ों के सामने उनकी पूरी टीम सिर्फ 127 रन ही बना सकी। जवाब में भारत ने यह लक्ष्य महज़ 15.5 ओवर में तीन विकेट खोकर हासिल कर लिया।
गेंदबाज़ों की कसी हुई रणनीति से टूटी पाकिस्तान की कमरभारतीय टीम ने गेंदबाज़ी में जबरदस्त अनुशासन दिखाया। शुरुआत से ही जसप्रीत बुमराह ने पाकिस्तानी ओपनरों को परेशान किया, वहीं अक्षर पटेल ने बीच के ओवरों में रन रोकने के साथ दो अहम विकेट झटके। लेकिन असली हीरो साबित हुए कुलदीप यादव, जिन्होंने अपनी फिरकी में पाकिस्तान के बल्लेबाजों को उलझा दिया। उन्होंने 4 ओवर में मात्र 18 रन देकर 3 विकेट निकाले और उन्हें ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुना गया। पाकिस्तान की बल्लेबाज़ी एक बार भी सहज नहीं दिखी और लगातार विकेट गिरते रहे। साहिबजादा फरहान ने सबसे ज्यादा 40 रन बनाए, जबकि शाहीन शाह अफरीदी ने निचले क्रम में आकर 31 रनों की पारी खेली, लेकिन बाकी बल्लेबाज पूरी तरह फ्लॉप रहे।
कप्तान सूर्यकुमार और युवाओं ने दिलाई आसान जीत128 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत ने एक बार भी दबाव महसूस नहीं किया। ओपनर अभिषेक शर्मा ने शुरू से ही आक्रामक रुख अपनाया और सिर्फ 13 गेंदों में 31 रनों की तूफानी पारी खेली। इसके बाद कप्तान सूर्यकुमार यादव ने कप्तानी की ज़िम्मेदारी को बखूबी निभाया और नाबाद 47 रन बनाकर टीम को लक्ष्य के करीब पहुंचाया। बीच के ओवरों में तिलक वर्मा ने भी 31 रनों की सधी हुई पारी खेली और साझेदारी को मजबूत बनाए रखा। पाकिस्तान की गेंदबाज़ी इस मैच में पूरी तरह फीकी रही। सिर्फ साईम अय्यूब, जो कि एक पार्ट टाइम स्पिनर हैं, उन्हें ही सफलता मिली और उन्होंने भारत के तीनों विकेट लिए। पाकिस्तान के मुख्य गेंदबाज़ एक भी विकेट नहीं निकाल सके।
मैच के बाद नहीं मिला हाथ, खेल भावना पर उठा सवालयह मुकाबला सिर्फ क्रिकेट तक सीमित नहीं रहा। ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत और पाकिस्तान पहली बार आमने-सामने थे। यही वजह रही कि देशभर में इस मैच को लेकर काफी नाराज़गी थी। सोशल मीडिया पर #BoycottINDvsPAK जैसे ट्रेंड्स चल रहे थे, इसके बावजूद दुबई के स्टेडियम में भारी भीड़ देखने को मिली। लेकिन सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि न टॉस के समय और न ही मैच के बाद दोनों टीमों के खिलाड़ियों ने एक-दूसरे से हाथ मिलाया। यह क्रिकेट की परंपरा के खिलाफ माना जाता है और शायद पहली बार ऐसा हुआ जब दोनों टीमों ने जानबूझकर यह कदम उठाया। इससे यह साफ हो गया कि इस मैच को खिलाड़ी भी केवल एक खेल के रूप में नहीं देख रहे थे।
यह जीत हमारे जवानों के नाम – सूर्यकुमार यादवमैच के बाद कप्तान सूर्यकुमार यादव ने बेहद भावुक बयान दिया। उन्होंने कहा, हम पहलगाम के पीड़ित परिवारों के साथ खड़े हैं। हम अपनी एकजुटता व्यक्त करते हैं और इस जीत को अपने सशस्त्र बलों को समर्पित करते हैं। हमें उम्मीद है कि हमारे सैनिक हमें हमेशा प्रेरित करते रहेंगे। सूर्यकुमार के इस बयान से यह बात और स्पष्ट हो गई कि इस मैच को भारतीय टीम ने केवल एक खेल के रूप में नहीं, बल्कि राष्ट्रीय गौरव के प्रतीक के रूप में खेला था।
सुपर फोर में भारत की जगह तय, फिर हो सकती है पाकिस्तान से भिड़ंतभारत की इस शानदार जीत के साथ सुपर फोर में उसकी जगह पक्की हो गई है। अब अगर पाकिस्तान अपने अगले ग्रुप मुकाबले में यूएई को हरा देता है, तो एक बार फिर भारत-पाकिस्तान आमने-सामने हो सकते हैं। हालांकि इस बार माहौल पहले से भी ज्यादा तनावपूर्ण रहने की संभावना है। भारत की जनता के लिए यह जीत किसी जवाब से कम नहीं थी, लेकिन क्या यह मैच ऑपरेशन सिंदूर के बाद उपजे गुस्से को ठंडा कर पाएगा, यह आने वाला वक्त बताएगा।