भारत और इंग्लैंड के बीच जारी पांच मैचों की टेस्ट सीरीज़ अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुकी है। सीरीज का अंतिम मुकाबला 31 जुलाई से लंदन के ओवल मैदान में खेला जाएगा। इस बीच इंग्लैंड क्रिकेट टीम ने अपनी अंतिम प्लेइंग इलेवन का ऐलान एक दिन पहले ही कर दिया है। इस चयन ने क्रिकेट प्रेमियों को हैरत में डाल दिया है, क्योंकि कप्तान बेन स्टोक्स इस अंतिम और बेहद अहम मुकाबले से बाहर हो गए हैं। टीम में कुल चार बड़े बदलाव किए गए हैं, जिससे मुकाबले का समीकरण पूरी तरह बदल गया है।
कप्तान स्टोक्स की चोट बनी चिंता का कारण, तीन और खिलाड़ी हुए बाहरइंग्लैंड टीम के लिए सबसे बड़ी झटका यह है कि उनके नियमित कप्तान बेन स्टोक्स चोटिल होने की वजह से इस मैच में नहीं खेल पाएंगे। उन्हें चौथे टेस्ट मैच के दौरान कंधे में चोट लगी थी, और मेडिकल टीम ने उन्हें आराम की सलाह दी है। उनकी गैरमौजूदगी में उपकप्तान ओली पोप टीम की कमान संभालेंगे। पोप इससे पहले भी चार टेस्ट मैचों में इंग्लैंड की कप्तानी कर चुके हैं, लेकिन उनका कप्तानी अनुभव सीमित है। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि वह दबाव में टीम को किस तरह संभालते हैं।
बेन स्टोक्स के अलावा इंग्लैंड टीम से तेज़ गेंदबाज़ जोफ्रा आर्चर, हरफनमौला खिलाड़ी लियाम डॉसन और ब्रायडन कार्स को भी अंतिम टेस्ट के लिए बाहर कर दिया गया है। इनकी जगह नए खिलाड़ियों को मौका दिया गया है, जिससे इंग्लैंड की प्लेइंग इलेवन पूरी तरह से बदली हुई नजर आएगी। यह इंग्लिश टीम के संतुलन को प्रभावित कर सकती है, खासकर तब जब टीम सीरीज़ जीतने के बेहद करीब है।
इंग्लैंड की ओर से जो टीम अंतिम टेस्ट के लिए उतरेगी, उसमें शामिल हैं — जैक क्रॉली, बेन डकेट, ओली पोप (कप्तान), जो रूट, हैरी ब्रुक, जैकब बेथेल, जेमी स्मिथ (विकेटकीपर), क्रिस वोक्स, गस एटकिंसन, जेमी ओवरटन और जोश टंग। इस नई टीम में अनुभव और युवा जोश का मिश्रण देखने को मिलेगा।
भारत के पास बराबरी का मौका
अब तक सीरीज के चार मुकाबले खेले जा चुके हैं। इनमें से दो मैच इंग्लैंड ने जीते हैं, एक भारत ने और एक मुकाबला ड्रॉ रहा। ऐसे में इंग्लैंड फिलहाल 2-1 से बढ़त पर है। भारत के पास अब यह अंतिम मौका है कि वह आखिरी टेस्ट जीतकर सीरीज को 2-2 से बराबर कर सके। अगर भारत जीतता है तो सीरीज़ ड्रॉ पर खत्म होगी, लेकिन अगर इंग्लैंड यह मैच जीतता है या ड्रॉ होता है, तो भारत को हार झेलनी पड़ेगी।
भारतीय टीम अपनी प्लेइंग इलेवन का ऐलान 31 जुलाई को मैच के दिन टॉस के समय करेगी। कप्तान रोहित शर्मा और कोच राहुल द्रविड़ टीम संयोजन पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं, क्योंकि यह मैच भारत के लिए प्रतिष्ठा की लड़ाई बन चुका है।
मुकाबले पर टिकी हैं निगाहेंओवल टेस्ट अब न केवल सीरीज की दिशा तय करेगा बल्कि दोनों टीमों की मनोवैज्ञानिक स्थिति पर भी गहरा असर डालेगा। एक ओर इंग्लैंड अपने घरेलू मैदान पर सीरीज जीतने के इरादे से उतरेगा, वहीं दूसरी ओर भारत प्रतिष्ठा की रक्षा और बराबरी की उम्मीद के साथ मैदान में कदम रखेगा।
अब यह देखना होगा कि ओली पोप की अगुवाई में इंग्लैंड टीम अपने घरेलू मैदान पर जीत दर्ज कर पाती है या फिर रोहित शर्मा की सेना पलटवार कर सीरीज को बराबरी पर ले आती है।