खाने के पैकेट से कोरोना वायरस फैलने का कितना खतरा? WHO ने कही ये बात

दुनिया में कोरोना वायरस संक्रमण के अब तक 2 करोड़ 11 लाख 79 हजार 335 मामले सामने आ चुके हैं। इनमें 1 करोड़ 39 लाख 89 हजार 89 मरीज ठीक हो चुके हैं। 7 लाख 59 हजार 454 की मौत हो चुकी है वहीं, खाना या फिर खाने के पैकेट से कोरोना वायरस फैलने को लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कहा है कि अभी तक इसके कोई सबूत नहीं मिले हैं। WHO ने लोगों से अपील की है कि वे लोग खाने से संक्रमित होने को लेकर डरें नहीं।

WHO के इमरजेंसी प्रोग्राम के प्रमुख माइक रयान ने कहा कि लोग खाने की डिलीवरी या प्रोसेस फूड के पैकेट उपयोग करने से डरें नहीं। वहीं, WHO की महामारी विशेषज्ञ मारिया वैन केरखोवे ने कहा कि चीन ने लाखों पैकेट की जांच की है और बहुत ही कम पॉजिटिव मामले आए हैं, 10 से भी कम।

फ्रोजेन चिकन में वायरस की पुष्टि

बता दें कि चीन का कहना है कि उसके दो शहरों में ब्राजील से आयात किए गए फ्रोजेन चिकन की जब जांच की गई तो वायरस की पुष्टि हुई। इसके अलावा इक्वाडोर से आए खाने के सामान के पैकेट पर भी वायरस मिले। दरअसल, कुछ दिन पहले चीन ने दावा किया था कि ब्राजील से भेजे गए फ्रोजन चिकन में कोरोना वायरस मिला है। शेंजेन के लोकल डिजीज कंट्रोल सेंटर (सीडीसी) ने नियमित जांच के दौरान ब्राजील से भेजे गए चिकन का सैंपल लिया था। जांच करने पर रिपोर्ट पॉजिटिव आई। इससे पहले चीन ने इक्वाडोर से भेजी गईं समुद्री झींगा मछली भी संक्रमित मिलने की बात कही गई थी। चीन ने जून में ब्राजील समेत कुछ अन्य देशों से मीट इंपोर्ट रोक दिया था। हालांकि, बाद में इसे हटा लिया गया था। शेंजेन सीडीसी ने दूसरे देशों के फूड प्रोडक्टस खाने में सावधानी बरतने की सलाह दी है। जून में चीन की राजधानी बीजिंग के शिनफैडी सीफूड मार्केट में संक्रमण के मामले सामने आए थे। इसके बाद से ही सरकार सभी फूड प्रोडक्ट्स का सैंपल लेकर उसका कोरोना टेस्ट करवा रही है।

बता दें कि इससे पहले दुनियाभर के विशेषज्ञों ने कहा था कि कोरोना वायरस हवा में भी मौजूद रह सकता है। बाद में WHO ने माना था कि कोरोना वायरस के कण हवा में भी मौजूद रह सकते हैं।