उत्तराखंड : प्रशासन ने दिखाई नियमों पर सख्ती, लैंसडौन से लौटाए गए बिना कोरोना रिपोर्ट के पहुंचे पर्यटक

कोरोना का कहर कम होने के साथ ही पर्यटन बढ़ने लगा हैं और लोग बाहर निकलकर मौसम का मजा लेने लगे हैं। उत्तराखंड को पर्यटन के लिए जाना जाता हैं और यहां हर दिन कई सैलानी पहुंच रहे हैं। हांलाकि राज्य सरकार ने कोरोना गाइडलाइन में तय किया हैं कि बिना कोरोना रिपोर्ट पहुंचे पर्यटकों को प्रवेश नहीं दिया जा रहा हैं। इसका नजारा आज देखने को मिला जहां कोरोना गाइडलाइन का सख्ती से अनुपालन कराने के लिए कोरोना की निगेटिव रिपोर्ट लिए बिना लैंसडौन और आसपास के क्षेत्रों में पहुंचे करीब सौ से अधिक पर्यटकों को वापस लौटा दिया गया।

सोमवार को कोतवाली पुलिस ने लैंसडौन सहित निकटवर्ती क्षेत्र पालकोट, डेरियाखाल, जयहरीखाल, फतेहपुर तक के होटलों में चेकिंग अभियान चलाया, जिसके तहत होटलों और रिजॉर्ट के आसपास बिना मास्क पहने और झुंड बनाकर घूम रहे 279 पर्यटकों का चालान किया गया। इसके अलावा कोरोना की निगेटिव आरटीपीसीआर जांच रिपोर्ट लिए बिना लैंसडौन में प्रवेश कर रहे करीब 100 पर्यटकों को लौटा दिया।

कोतवाल संतोष सिंह कुंवर ने बताया कि पर्यटकों को लौटाना उन्हें भी अच्छा नहीं लगा, लेकिन तीसरी लहर की आशंका के कारण मिली गाइड लाइन का सख्ती से पालन कराना उनकी जिम्मेदारी है। कोतवाल ने बताया कि 145 पर्यटकों का बिना मास्क में चालान काटते हुए उनसे 72 हजार 500 की राशि, 87 पर्यटकों का शारीरिक दूरी उल्लंघन के तहत चालान काटते हुए उनसे 8700 रुपये की राशि और 47 पर्यटकों का पुलिस एक्ट में चालान कर 13 हजार 450 की राशि वसूली गई।