'अगर आज बालासाहेब जीवित होते तो क्या वे भी...', Waqf Bill का विरोध करने वाले उद्धव गुट पर श्रीकांत शिंदे का तीखा हमला

आज (2 अप्रैल) लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक (Waqf Amendment Bill) पेश किया गया, जिसे पारित कराने के लिए एनडीए और उसकी सहयोगी पार्टियां पूरी तरह एकजुट नजर आईं। चर्चा के दौरान शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे ने विधेयक का जोरदार समर्थन किया और शिवसेना (UBT) पर तीखा हमला बोला। शिंदे ने कहा, मैं और मेरे पिता इस विधेयक का पूरी तरह समर्थन करते हैं। यह एक ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण दिन है। पहले अनुच्छेद 370, फिर ट्रिपल तलाक, CAA और अब यह विधेयक—यह सब गरीबों के कल्याण के लिए लाया गया है। उन्होंने UBT नेता अरविंद सावंत के बयान पर नाराजगी जताते हुए कहा, उनका भाषण सुनकर बहुत दुख हुआ। मैं UBT से पूछना चाहता हूं—अगर आज बालासाहेब ठाकरे जीवित होते, तो क्या वे भी यही कहते?

यूबीटी नेताओं ने बाबासाहेब की विचारधारा को नष्ट कर दिया: श्रीकांत शिंदे

शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे ने तीखा हमला बोलते हुए कहा, आज यह साफ हो गया है कि UBT किसकी विचारधारा को अपनाकर इस विधेयक का विरोध कर रही है। उनके पास अपनी गलतियों को सुधारने, अपने इतिहास को फिर से लिखने और अपनी मूल विचारधारा को जीवित रखने का सुनहरा अवसर था, लेकिन उन्होंने खुद ही उसे कुचल दिया। शिंदे ने आगे कहा, अगर बालासाहेब आज यहां होते और UBT का असहमति नोट पढ़ते, तो उनकी आत्मा को गहरी वेदना होती। मैं यहां UBT का यह नोट लेकर आया हूं, जिसमें उन्होंने कहा है कि गैर-मुस्लिम सदस्य वक्फ बोर्ड में नहीं होने चाहिए। यह वही पार्टी है जिसके संस्थापक बालासाहेब ठाकरे जीवनभर हिंदुत्व के लिए लड़े। आज की शिवसेना (UBT) न केवल हिंदुत्व से, बल्कि हिंदुओं से भी एलर्जी रखने लगी है।

'औरंगजेब की पैरवी कर रही UBT'

शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे ने यूबीटी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा, UBT ने अपने असहमति नोट में स्पष्ट रूप से लिखा है कि पुराने निजामों, जमींदारों के स्मारकों और स्थलों की रक्षा होनी चाहिए। यह कोई संयोग नहीं है कि हम कहते हैं कि UBT के नेता औरंगजेब और अफजल खान की संपत्तियों की रक्षा करने में जुटे हैं। उन्होंने आगे कहा, यह वही औरंगजेब था, जो छत्रपति शिवाजी महाराज की हत्या के इरादे से महाराष्ट्र आया था और जिसने छत्रपति संभाजी महाराज की निर्मम हत्या कर दी। और अब, उसी औरंगजेब की पैरवी शिवसेना (UBT) कर रही है। क्या यही बालासाहेब ठाकरे की शिवसेना थी?