राजस्थान : BJP विधायक किरण माहेश्वरी का कोरोना संक्रमण से हुआ निधन, मेदांता अस्पताल में ली अंतिम सांस

राजसमंद विधायक किरण माहेश्वरी (59) का रविवार देर रात गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में कोरोना संक्रमण से निधन हो गया। किरण माहेश्वरी 28 अक्टूबर को कोरोना वायरस पॉजिटिव आई थी। जिसके बाद सांस लेने में तकलीफ के चलते उन्हें 7 नवंबर को एयर एंबुलेंस से उदयपुर से मेदांता अस्पताल ले जाया गया था। पिछले 22 दिनों से उन्हें मेदांता के आईसीयू में भर्ती रखा गया था। वहीं रविवार देर रात इंफेक्शन ज्यादा होने से उनकी सांसे थम गई। इससे पहले भीलवाड़ा के सहाड़ा विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के विधायक कैलाश त्रिवेदी का कोरोना के कारण निधन हो गया था।

राजसमंद विधायक रही किरण माहेश्वरी के शव को विशेष विमान से उदयपुर लाया जा रहा है। जहां उनके समर्थकों और परिजनों द्वारा उन्हें अंतिम विदाई दी जाएगी। वही किरण महेश्वरी के निधन पर भाजपा के राष्ट्रीय नेताओं ने संवेदना व्यक्त की है और इसे बीजेपी और प्रदेश के लिए एक बड़ी क्षति बताया है।

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने विधायक किरण माहेश्वरी के निधन पर शोक जताया है। बिरला ने अपने ट्वीट में कहा कि 'बहन किरण जी का निधन बेहद दुखद है। उन्होंने अपना पूरा जीवन समाज की सेवा और हितों को संरक्षित करने के लिए समर्पित किया। मेरे लिए उनका निधन व्यक्तिगत क्षति है। ईश्वर दिवंगत आत्मा को श्रीचरणों में स्थान दें। परिजनों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त करता हूं। किरण जी के साथ राजनीतिक-सामाजिक जीवन में लंबे अरसे तक काम किया। सामाजिक विषयों विशेषतः महिलाओं व वंचित वर्गों के अधिकारों की वे सशक्त आवाज थीं। दीन-दुखियों की सहायता के लिए हमेशा तत्पर रहने वाली किरण जी को उनकी निर्भीकता व स्पष्टवादिता के लिए सदैव याद किया जाएगा'

पार्षद से शुरू किया था राजनीतिक सफर

किरण माहेश्वरी ने साल 1987 से 90 तक हिंदू संगठन दुर्गा वाहिनी की प्रमुख के तौर पर राजनीतिक कैरियर शुरू किया। इसके बाद साल 1992 से 1995 तक वह राजस्थान के सोशल वेलफेयर बोर्ड की मेंबर बनी।

साल 1990 से 1992 तक बीजेपी महिला मोर्चा की जिला महामंत्री रही। इसके बाद में साल 1993 से 1994 तक उनको महिला मोर्चा देहात की जिला अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई।

साल 1994 में उदयपुर नगर परिषद पार्षद का चुनाव किरण माहेश्वरी ने लड़ा और पार्षद चुनाव जीतकर उन्हें उदयपुर की सभापति बनाया गया।

साल 1999 तक उन्होंने सभापति के रूप में अपना कार्यकाल पूरा किया। इसके बाद में उनकी राजनीति की यात्रा लगातार आगे बढ़ती रही और साल 2002 से 2003 तक वह भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की सदस्य बनी।

साल 2004 में वह उदयपुर की सांसद चुनी गई। इसके बाद में साल 2004 में उनको भाजपा राष्ट्रीय महासचिव और 2007 में महिला मोर्चा राष्ट्रीय अध्यक्ष की बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई।

साल 2008 में किरण माहेश्वरी राजसमंद विधायक बनी और वसुंधरा सरकार में मंत्री भी बनी इसके बाद में साल 2013 में एक बार फिर से चुनाव जीत विधायक पद पर काबिज थी।