उदयपुर : 2 करोड़ की लूट का हुआ पर्दाफाश, 6 दिन बाद पकडे गए 7 आरोपी

बीते दिनों उदयपुर में बुजुर्ग को बंधक बनाकर दो करोड़ की लूट की गई थी जिसका पुलिस ने पर्दाफाश करते हुए 6 दिन बाद 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया हैं। आरोपियों की तीन गैंग ने वारदात को अंजाम दिया। वारदात के दौरान लुटेरों ने बुजुर्ग मकान मालिक को बंधक बनाकर रखा था। वारदात की जानकारी अगले दिन सुबह पुलिस को मिली थी। वारदात का मास्टर माइंड सुरेश डांगी है। सभी आरोपी स्थानीय राजस्थानी हैं तथा गुजरात व महाराष्ट्र में डेयरी तथा आइसक्रीम के व्यवसाय से जुड़े हैं।

पुलिस ने बताया इस वारदात की जांच के लिए स्पेशल टीम का गठन किया गया था। टीम ने इसमें शामिल तीन गैंग की पहचान की। एक गैंग उदयपुर-राजसमंद बेस्ड थी इसके लोग गुजरात में रह रहे थे। दूसरी मुंबई बेस्ड मद्रासी गैंग है। इनने मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया।

इन्हें किया अरेस्ट

पुलिस ने शांति सिंह उर्फ शांतिलाल पुत्र खेम सिंह निवासी चित्तौड़गढ़, सतीश सिंह उर्फ नाना पुत्र जेता निवासी चित्तौड़गढ़, किशनलाल उर्फ सुखलाल उर्फ सुखसा पुत्र केशाजी निवासी उदयपुर, रोहित उर्फ हीरालाल पुत्र धन्ना निवासी उदयपुर, सुरेश पुत्र देवाजी निवासी उदयपुर, शक्ति बेल कुमार पुत्र तंगराज निवासी मुंबई तथा श्रवण सिंह उर्फ करण पुत्र मोहब्बत सिंह निवासी राजसमंद को अरेस्ट किया है।

यह था मामला

उदयपुर के कानोड़ में लुटेरों ने गत सोमवार देर रात एक घर में लूट की बड़ी वारदात को अंजाम दिया। बदमाश करीब 2 करोड़ का सामान लूट ले गए। वारदात के दौरान लुटेरों ने बुजुर्ग मकान मालिक को बंधक बनाकर रखा। घर में रखे 16 लाख रुपए कैश, 1.4 किलो सोने और 125 किलो चांदी के जेवर और बर्तन लूट ले गए। लूटे गए सामान की कुल कीमत 2 करोड़ रुपए बताई गई। परिवार ने बताया कि सोहन लाल जान- पहचान वालों के साथ लेन-देन का काम करते हैं। पैसे देने के एवज की सिक्योरिटी की ज्वैलरी और कैश घर में रखा हुआ था। जो बदमाश लूटकर ले गए।

पीड़ित सोहन कोठारी ने पुलिस को यह बताया था

बुजुर्ग सोहन कोठारी ने पुलिस को बताया था कि लुटेरों ने मेरा मुंह, हाथ और पैर सब बांध दिए। बस मेरी नाक खुली थी। बदमाश करीब डेढ़ घंटे लूटपाट करते रहे। मेरे मुंह में भी कपड़ा ठूंस दिया था, ताकि में चिल्ला नहीं पाऊं। इसके कारण मेरे मुंह से खून भी निकलने लगा। मैं बेहोश हो गया था। लूटपाट करने के बाद लुटेरे मुझे मरा समझ कर छोड़कर चले गए। उनके जाने के बाद मैंने शोर मचाया, तब पास में रहने वाला एक पड़ोसी पहुंचा। इसके बाद पुलिस को मामले की जानकारी दी गई।