देश के हर नागरिक को कैसे लगेगा कोरोना का टीका, ये है PM मोदी का प्लान

स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने ऐलान किया था कि देश के हर नागरिक को नेशनल डिजिटल हेल्थ मिशन के तहत हेल्थ कार्ड जारी किया जाएगा। अब दो महीने के बाद पीएम ने फिर संकेत दिए हैं कि इसी 'डिजिटल हेल्थ आईडी का इस्तेमाल कोरोना टीकाकरण सुनिश्चित करने के लिए किया जाएगा।'

सोमवार को वैश्विक सम्मेलन ग्रैंड चैलेंजेज एनुअल मीटिंग, 2020 को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि कोविड संक्रमण का टीका विकसित करने के मामले में हम अग्रिम मोर्चे पर हैं और इनमें से कुछ तो 'एडवांस स्टेज' पर हैं।

पीएम मोदी ने कहा कि भारत अभी वैक्सीन निर्माण के क्षेत्र में अग्रिम पंक्ति में खड़ा है। कई वैक्सीन परीक्षण के आखिरी चरण में हैं। अपनी प्रतिभा के दम पर भारत स्वास्थ्य क्षेत्र में वैश्विक प्रयासों का केंद्र बनकर उभरेगा और आगे अन्य देशों की मदद के लिए तैयार है। दुनियाभर में प्रयोग में आने वाली 60 फीसद वैक्सीन का उत्पादन भारत में होता है। भारत ने कम लागत में गुणवत्तापूर्ण दवाएं एवं टीका बनाने की अपनी क्षमता को साबित किया है।

डिजिटल हेल्थ आईडी कार्ड का इस्तेमाल

उन्होंने कहा कि 'भारत पहले से ही एक वेल इस्टैबलिस्ड वैक्सीन डिलिवरी सिस्टम पर काम कर रहा है और डिजिटल हेल्थ आईडी के साथ इस डिजिटल नेटवर्क का उपयोग हमारे नागरिकों के टीकाकरण को सुनिश्चित करने के लिए किया जाएगा।'

मोदी ने कहा, 'भारत की विशाल जनसंख्या और विविधता को पूरी दुनिया आश्चर्य से देखती है। हमारी आबादी अमेरिका से चार गुना है। आमजन के प्रयासों का धन्यवाद करता हूं, जिनके दम पर हम कोरोना से मृत्यु दर को बहुत कम रखने में सफल रहे।'

मोदी ने कहा कि हमने स्वच्छता और शौचालय जैसे कई कदम उठाए हैं, जिनसे स्वास्थ्य सेवा को लाभ पहुंचा है। इन कदमों से सबसे ज्यादा लाभ गरीबों और वंचितों को हुआ। इनसे बीमारियां कम हुई।

पीएम ने कहा कि 'भारत के आकार और विविधता ने हमेशा वैश्विक समुदाय को उत्सुक किया है। हमारा देश संयुक्त राज्य अमेरिका की जनसंख्या के आकार का लगभग चार गुना है। हमारे कई राज्य यूरोपीय देशों के बराबर हैं। भारत में COVID-19 मृत्यु दर को बहुत कम है। आज, हम प्रति दिन मामलों की संख्या और मामलों की वृद्धि दर में गिरावट देख रहे हैं। भारत में 88 प्रतिशत की हाइएस्ट रिकवरी रेट है। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि भारत में जब कुछ सौ केस थे तब लचीले लॉकडाउन को अपनाने वाले पहले देशों में से हम एक थे। भारत मास्क के उपयोग को प्रोत्साहित करने वाले पहले देशों में से एक था। भारत ने कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग पर काम किया।'

विज्ञान की महत्ता का उल्लेख करते हुए मोदी ने कहा कि दुनिया का भविष्य वही समाज गढ़ेगा, जो विज्ञान और नवाचार (इनोवेशन) के क्षेत्र में निवेश को प्राथमिकता देगा। इन क्षेत्रों में योजनाबद्ध तरीके से निवेश की जरूरत है। मोदी ने कहा, 'सही समय पर लाभ लेने के लिए विज्ञान एवं नवाचार के क्षेत्र में पहले से ही निवेश करना होता है। नवाचार का यह सफर गठजोड़ से तय होता है, क्योंकि विज्ञान कभी किसी कोने में बैठकर समृद्ध नहीं होता।'

आपको बता दे, स्वंतत्रता दिवस के अपने भाषण में भी पीएम ने डिजिटल कार्ड का जिक्र किया था। उन्होंने कहा था कि 'प्रत्‍येक भारतीय को हेल्थ आईडी दी जाएगी। ये हेल्थ आईडी प्रत्‍येक भारतीय के स्‍वास्‍थ्‍य खाते की तरह काम करेगी। आपके हर टेस्ट, हर बीमारी आपने किस डॉक्‍टर के पास, कौन-सी दवा ली थी, उनका क्‍या डाइग्नोसिस था, कब ली थी, उनकी रिपोर्ट क्‍या थी, ये सारी जानकारी आपकी इस हेल्थ आईडी में समाहित की जाएगी। डॉक्टर से अपॉइंटमेंट हो, पैसा जमा करना हो, अस्‍पताल में पर्ची बनवाने की भागदौड़ हो, ये तमाम दिक्‍कतें नेशनल डिजिटल हेल्थ मिशन के माध्‍यम से अनेक मुसीबतों से मुक्ति मिलेगी और उत्‍तम स्‍वास्‍थ्‍य के लिए हमारा कोई भी नागरिक सही फैसले कर पाएगा। ये व्‍यवस्‍था होने वाली है।'