WAH!! हेलमेट नहीं पहनने पर बस ड्राइवर का काटा चालान

1 सितंबर से लागू हुए नए मोटर व्हीकल एक्ट के बाद देशभर से चालान कटने के अजीब-अजीब वाकये सामने आ रहे है। हाल ही में एक ऑटो चलाने वाले का चालान इसलिए काट दिया क्योकि उसने सीट बेल्ट नहीं लगा रखी थी। जबकि ऑटो में कोई सीट बेल्ट नहीं होती। वही उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के साहसपुर में पुलिस ने बैलगाड़ी का ही चालान काट दिया। वही अब नया मामला महराजगंज जनपद से सामने आया है। यहां ट्रैफिक पुलिस ने बीते 26 अगस्त को सरकारी बस का चालान का काट दिया। पुलिस ने चालान काटने की वजह बस ड्राइवर का हेलमेट न पहनना बताया। चालान शीट पर 500 का जुर्माना किया गया है और यह दर्शाया गया है कि बस चालक बिना हेलमेट के वाहन चला रहा था। इतना ही नहीं चालान की नोटिस यूपीएसआरटीसी के जनरल मैनेजर और रीजनल मैनेजर गोरखपुर को भेज दी गई है। जिस बस का चालान काटा गया है वो निचलौल डिपो की बताई जा रही है, इस बस का नंबर UP 53 DT 5460 है। चालान का स्थान सिंदूरिया रोड, बिस्मिल नगर महराजगंज का है।
चौंकाने वाले चालान ने सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक महराजगंज भुवनेश्वर कुमार को कुछ समय के लिए चक्कर में डाल दिया। उन्होंने कहा कि ये गलत चालान काटा गया है। मामले में एएसपी ने बताया कि जब उन्होंने इंस्पेक्टर से पूछा तो पता चला कि बस ड्राइवर का सीट बेल्ट नहीं लगाने का चालान किया जाना था लेकिन भूलवश हेलमेट नहीं पहनने का चालान काट दिया गया।
पुलिस ने काट दिया बैलगाड़ी का चालान

उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के साहसपुर में पुलिस ने बैलगाड़ी मालिक को उस समय चालान थमा दिया, जब उसकी बैलगाड़ी उसी के खेत के बगल में खड़ी थी। दरअसल, सब इंस्पेक्टर पंकज कुमार के नेतृत्व में पुलिस की एक टीम पट्रोलिंग कर रही थी। तभी उन्हें एक बैलगाड़ी दिखी जिसके आसपास कोई मौजूद नहीं था। पुलिसवालों ने ग्रामीणों से पूछा तो पता चला कि बैलगाड़ी रियाज हसन की है, जो वहां नहीं मौजूद था। इसके बाद पुलिस की टीम बैलगाड़ी को लेकर हसन के घर गई और अबीमाकृत वाहन को चलाने वाले मोटर ऐक्ट के सेक्शन 81 के तहत हसन को एक हजार रुपये का चालान थमा दिया। अगले दिन जब हसन को लगा कि पुलिस वालों ने गलती की है तब उसने पूछा कि अपने ही खेत के बाहर अपनी गाड़ी लगाने के लिए चालान कैसे कट सकता है। इसके बाद रविवार को चालान कैंसल किया गया।

इस तरह के कई मामले पूरे देश में से सामने आ रहे है। जिन्हें लेकर ट्रैफिक व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।