चुनावी हिंसा के कारण समय से पहले थम जाएगा पश्चिम बंगाल में चुनाव प्रचार, ममता बोली- EC मोदी-शाह के इशारे पर काम कर रही है

लोकसभा चुनाव के दौरान पश्चिम बंगाल में हो रही हिंसा के चलते बुधवार को चुनाव आयोग ने बड़ा कदम उठाते हुए बंगाल की 9 सीटों पर चुनाव प्रचार पर गुरुवार रात 10 बजे से रोक लगा दी है। इस फैसले पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग और मोदी सरकार पर जमकर हमला बोला है। देर रात प्रेस कॉन्फ्रेंस कर ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग भाजपा के इशारे पर काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि कोलकाता में हिंसा की वजह शाह थे, उन्हें आयोग ने कारण बताओ नोटिस क्यों नहीं भेजा। ममता ने मोदी पर तंज कसा कि वे अपनी पत्नी का ध्यान नहीं रख पाए, देश का ख्याल क्या रखेंगे? ममता बनर्जी ने कहा, 'चुनाव आयोग को कोलकाता की हिंसा के लिए अमित शाह के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए थी। पश्चिम बंगाल में कानून व्यवस्था की कोई समस्या नहीं है, अनुच्छेद 324 लगाना अप्रत्याशित, असंवैधानिक और अनैतिक है। इस तरह का चुनाव आयोग कभी नहीं देखा, इसमें आरएसएस के लोग भरे पड़े हैं। आयोग ने पीएम मोदी को अपनी दो रैलियां खत्म करने का समय दिया है।'
उन्होंने कहा, बाहर से गुंडे लाए गए। उन्होंने भगवा पहनकर हिंसा फैलाई। ये ऐसी ही हिंसा थी, जैसी बाबरी मस्जिद का ढांचा गिराए जाने के वक्त की गई थी। आयोग का फैसला निष्पक्ष नहीं है। यह अनैतिक और राजनीतिक पक्षपात से भरा है। मोदी को अपनी दो रैलियां खत्म करने का वक्त दे दिया गया।'

- ममता ने कहा, हम आपकी इज्जत करते हैं, लेकिन आपको भी दूसरों की इज्जत करनी चाहिए। हमने पहले के इलेक्शन को पूछा कि ऐसा क्यों किया गया? उन्होंने कहा कि पता नहीं ऐसा क्यों किया गया।''

- भाजपा पूरे भारत से बंगाल में लोगों को लेकर आई, अगर शाहजी के पास आदमी नहीं थे तो मुझसे मांग लेते। आपने ऐसा क्यों किया, बंगाल के लोग बहुत गुस्से में हैं और वे जवाब देंगे।''

- ''नरेंद्र मोदी ने मेरा असम्मान और अपमान किया है। क्या हम भाषण नहीं दे सकते, बोल नहीं सकते और क्या देश ऐसे ही चलेगा। मेरे भाइयों-दोस्तों-नौजवानों इसके एक भी वोट मत दीजिए। मोदी को देश से निकाल दो।''

- अमित शाह ने अपनी सभा के माध्यम से हिंसा का निर्माण किया, ईश्वर चंद्र विद्यासागर की प्रतिमा के साथ बर्बरता की गई, लेकिन मोदी ने उस पर खेद प्रकट नहीं किया। बंगाल के लोगों ने इसे गंभीरता से लिया है, अमित शाह के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। अमित शाह ने आज एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की, चुनाव आयोग को धमकी दी, क्या ये उसी का नतीजा है? बंगाल डरा नहीं है। बंगाल को इसलिए निशाना बनाया गया क्योंकि मैं मोदी के खिलाफ बोल रही हूं। गुंडों को बाहर से लाया गया था, उन्होंने भगवा पहनकर हिंसा की, ऐसा ही हिंसा तब हुई थी जब बाबरी मस्जिद को ध्वस्त किया गया था।''- शाह ने आज एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की और चुनाव आयोग को धमकाया। क्या यह इसी का नतीजा है? बंगाल डरेगा नहीं। बंगाल को इसलिए निशाना बनाया जा रहा है, क्योंकि मैंने मोदी के खिलाफ आवाज उठाई।'

- चुनाव आयोग को भाजपा चला रही है। यह एक असंवैधानिक फैसला है। कल की जो हिंसा हुई थी, उसकी वजह अमित शाह थे। चुनाव आयोग ने उन्हें कारण बताओ नोटिस क्यों नहीं भेजा, उन्हें क्यों नहीं प्रतिबंधित किया?''

- बंगाल के लोग इसे हल्के में नहीं लेंगे, इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे। मोदी को पता है कि उनके खिलाफ खड़ा व्यक्ति, उन्हें चुनौती देता है, मजबूत है, यही वजह है कि वह ये सब कर रहे हैं। मोदी बंगाल और मेरे लोगों से डरते हैं।

बता दे, लोकसभा चुनाव के सातवें और अंतिम चरण में आठ राज्यों की 59 सीटों पर 19 मई को होने वाले मतदान में पश्चिम बंगाल की 9 सीटें भी शामिल हैं। पूर्व निर्धारित चुनाव कार्यक्रम के अनुसार इस चरण के मतदान से 48 घंटे पहले, 17 मई को शाम पांच बजे से चुनाव प्रचार थम जायेगा, लेकिन पश्चिम बंगाल में कानून व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति का हवाला देते हुए आयोग ने राज्य में निर्धारित अवधि से एक दिन पहले, 16 मई को रात 10 बजे से किसी भी प्रकार का चुनाव प्रचार प्रतिबंधित कर दिया है। यह प्रतिबंध राज्य की सभी नौ सीटों पर 19 मई को शाम 5 बजे मतदान पूरा होने तक जारी रहेगा।