बूंदी : साधुओं का नशीला प्रसाद खाकर किशोर हुआ बेसुध, हुआ अपहरण

अक्सर घर वाल कहते हैं कि रास्ते में कोई कुछ दे तो नहीं खाना क्योंकि वे आपकी चिंता करते हैं। बूंदी जिले के देई में एक इससे जुड़ा मामला सामने आया जिसमें नाबालिग को नशीला पदार्थ खिलाकर अपहरण कर लिया। साधु उसे कोटा ले आए। यहां नाबालिग को होश आ गया और साधुओं की बात सुनकर वह घबरा गया। इसी बीच वह मौका देखकर फरार हो गया और अपनी भाई को फोनकर बुला लिया। जानकारी के अनुसार देई कस्बे के बस स्टैंड पर दो साधु प्रसाद बांट रहे थे। इसी दौरान अशोक महावर (16) पुत्र छीतरलाल महावर ने भी वह प्रसाद खाया था।
प्रसाद खाने के बाद वह बेहोश हो गया और फिर कोटा पहुंचने के बाद उसे होश आया। कोटा के कुन्हाड़ी इलाके में दोनों साधु वैन से नीचे उतरकर उन्हें मारने की बात कर रहे थे। ऐसे में लड़का मौका देखकर भाग गया और रेलवे स्टेशन पर पहुंच गया। जहां से उसने अपने भाई सुरेश को फोन कर घटनाक्रम की जानकारी दी। इसके बाद मोहल्ले के काफी लोग देई पुलिस थाने पर पहुंचे, जहां से कोटा के भीमगंजमंडी पुलिस थाने में सूचना दी गई। जहां से पुलिसकर्मी अशोक को लेकर थाने पहुंचे। देई से परिजनों के पहुंचने के बाद पुलिस ने उसे सुपुर्द कर दिया। किशोर ने बताया कि उसके अलावा एक और लड़के को साधुओं ने पकड़ रखा था।