कंगना रनौत (Kangana Ranaut) और महाराष्ट्र सरकार (Maharashtra Government) के बीच तनातनी कम होने का नाम नहीं ले रही है। बीएमसी (BMC) द्वारा की गई कार्रवाई के बाद से कंगना काफी नाराज हैं और सोशल मीडिया (Social Media) पर लगातार अपनी नाराजगी जाहिर कर रही हैं। वहीं, कंगना रनौत की मां आशा रनौत बेटी के सपोर्ट में हैं। वो खुलकर सामने आ रही हैं और अपनी बाते रख रही हैं। आजतक से एक्सक्लूसिव बातचीत में उन्होंने कहा कि शिवसेना ने मेरी बेटी के साथ अन्याय किया। पूरे भारत वर्ष की जनता इसे बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेगी।
कंगना रनौत की मां ने कही ये बातआशा रनौत ने कहा- 'अगर कंगना गलत होती तो देश की जनता उसके साथ नहीं होती। कैसी सरकार है। मेरी बेटी उसकी प्रजा का एक अंग है। उसके साथ इतना अन्याय हुआ है। ये कैसी सरकार है। इसको सरकार बोलते हैं। ये बाल ठाकरे की शिवसेना है, नहीं। ये वो बाल ठाकरे की शिवसेना नहीं है, जिसे हम बचपन से सुनते आ रहे हैं। ये शिवसेना डरपोक है, कायर है। मेरी बेटी ने 15 साल मेहनत करके एक-एक पैसा जोड़कर ऑफिस बनाया। उनकी तरह थोड़ी हम खानदानी हैं। हम एक मध्यम परिवार से हैं। सब ने देखा है कि मेरी बेटी ने कैसे मेहनत से पैसा इकट्ठा किया है। इनके पास तो अपने मां-बाप की प्रॉपर्टी है, जिसके ऊपर वो इतना घमंड कर रहे हैं और अत्याचार कर रहे हैं।'
आशा रनौत ने कहा- 'मेरी बेटी ने सच्चाई का साथ दिया है। पूरे भारत वर्ष मेरी बेटी के साथ खड़ा है और खड़ा रहेगा। मैं अमित शाह और हिमाचल सरकार का धन्यावाद करती हूं, जिन्होंने मेरी बेटी की सुरक्षा की। कंगना की मां आश देवी ने हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर का भी धन्यवाद किया।'
आशा रनौत ने कहा - 'इन लोगों का तो क्या पता ये क्या करते। इनका कोई विश्वास नहीं है। क्यों भाजपा सुरक्षा नहीं देती मेरी बेटी को, क्यों विपक्ष पार्टियां बोलती हैं। उन्हें क्या तकलीफ है, क्या उनके घर में बेटियां नहीं हैं। क्यों उन लोगों ने मेरी बेटी के बारे में इतनी बकवास बातें बोली। अगर कोई सच्चाई का साथ दे तो उसका साथ देना चाहिए।'
सोनिया गांधी से सवालउधर कंगना रनौत ने ट्वीट में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से सवाल किए हैं। शिवसेना संग हुए विवाद पर कंगना रनौत ने सोनिया गांधी की चुप्पी पर सवाल खड़े करते हुए कहा- 'आदरणीय सोनिया गांधी जी, एक महिला होने के नाते क्या जिस तरह आपकी महाराष्ट्र की सरकार ने मेरे साथ बिहेव किया उससे आपको दुख नहीं हुआ। क्या आप डॉ। अंबेडकर द्वारा दिए गए संविधान के सिद्धांतों को बनाए रखने के लिए अपनी सरकार से अनुरोध नहीं कर सकतीं?'
उन्होंने यह भी कहा कि बाल ठाकरे को भी डर था कि शिवसेना एक दिन कांग्रेस बन जाएगी। उन्होंने कहा, 'आप (सोनिया गांधी) पश्चिम में पले बढ़े हैं। भारत में रहते हैं। आप महिलाओं के संघर्ष को जानते हैं। जब आपकी खुद की सरकार महिलाओं का उत्पीड़न कर रही है और कानून और व्यवस्था का मजाक बना रही है। ऐसे में इतिहास आपकी चुप्पी और उदासीनता को तय करेगा। मुझे उम्मीद है कि आप इस मामले में दखल देंगी।'बता दे, बीते दिनों मुंबई पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाने और मुंबई की तुलना PoK से करने के कारण कंगना और महाराष्ट्र सरकार के बीच जुबानी जंग शुरू हो गई। शिवसेना नेता संजय राउत ने कंगना के लिए ओछे शब्दों का प्रयोग किया, वहीं गृह मंत्री अनिल देशमुख तक ने कहा दिया कि कंगना को मुंबई या महाराष्ट्र में रहने का हक नहीं है। इसके बाद शिवसेना ने नेताओं ने कंगना को धमकी भी दी कि वह मुंबई नहीं आएं। कंगना ने इसे चुनौती के तौर पर लिया और 9 सितंबर को मुंबई पहुंचीं। कंगना के पिता ने सरकार से सुरक्षा की अपील की तो केंद्र सरकार ने उन्हें Y कैटिगरी की सुरक्षा दे दी। इस बीच बीएमसी ने रेनोवेशन नियमों के उल्लंघन का हवाला देकर बुधवार को कंगना के दफ्तर में तोड़फोड़ की। इस मामले पर कंगना की बीएमसी के खिलाफ याचिका पर गुरुवार को सुनवाई होनी थी, जिसे हाई कोर्ट ने 22 सितंबर तक टाल दिया है।