जयपुर : रेरा ने उठाया एक और सख्त कदम, अब हर 3 माह में बिल्डर्स देंगे प्राेग्रेस रिपाेर्ट

समय पर प्राेजेक्ट पूरा नहीं करने वाले 100 बिल्डर्स और डवलपर्स को नोटिस देने के बाद रेरा ने एक और सख्त कदम उठाया है। अब बिल्डर्स को हर 3 माह में प्राेजेक्ट प्राेग्रेस रिपाेर्ट देनी होगी। यह रिपोर्ट रेरा के पोर्टल पर अपलोड करनी होगी ताकि लोग ऑनलाइन प्रोग्रेस देख सकें। फायदा उन लाेगाें काे भी मिलेगा, जिन्हाेंने किसी अपकमिंग प्राेजेक्ट में घर या फ्लैट बुक करवाया है।

बिल्डर्स के लिए यह नियम पहले भी लागू था, लेकिन रिपोर्ट ऑनलाइन का नियम अब लागू किया है। नए आदेश के अनुसार बिल्डर्स काे साल में 4 बार रिपाेर्ट सबमिट करनी हाेगी। रेरा में रजिस्टर्ड प्रोजेक्ट की रिपाेर्ट समय पर सबमिट नहीं करने या फिर प्राेजेक्ट प्राेग्रेस से संबंधित गलत जानकारी देने पर पेनेल्टी लगाई जाएगी। एक्ट के अनुसार अनुमानित लागत की 5% तक पेनल्टी लगाई जा सकती है।
क्वार्टर बीतने के 15 दिन में रिपाेर्ट सबमिट करना अनिवार्य हाेगा, अन्यथा

संबंधित बिल्डर से पांच हजार रुपए चार्ज वसूला जाएगा। इसके अलावा रेरा ने रिपाेर्ट एडिट और सबमिट करने में देरी हाेने पर शुल्क भी तय किया है। प्राेग्रेस रिपाेर्ट सबमिट करने के बाद एडिट करने पर दाे हजार, तय समय बीतने के बाद एडिट करने पर पांच हजार रुपए फीस देनी हाेगी।नियमों के अनुसार प्रमोटर को सर्टिफाइड आर्किटेक्ट, इंजीनियर और चार्टर्ड अकाउंटेंट से प्राप्त फॉर्म आर-1, आर-2 व आर-3 भी इसी प्रोग्रेस रिपोर्ट के साथ सबमिट करने होंगे। इन फॉर्म में प्रोजेक्ट की प्रगति और उसमें खर्च की गई राशि का पूरा ब्योरा होता है। साल 2020 में आखिरी तीन महीने में रजिस्टर्ड प्राेजेक्ट की रिपोर्ट 15 जनवरी तक सबमिट करनी होगी।