रूस-यूक्रेन शांति समझौते की उम्मीद में सोने की कीमतों में गिरावट, जानें कितने घटे दाम

सोने की कीमतों में एक बार फिर बड़ी गिरावट आई है, जो हाल ही में रिकॉर्ड हाइक के बाद हुई है। इस गिरावट का मुख्य कारण रूस-यूक्रेन के बीच शांति समझौते की संभावना के चलते हो रही उम्मीदें हैं। यदि दोनों देशों के बीच शांति समझौता हो जाता है, तो आने वाले दिनों में सोने की कीमतों में और भी गिरावट देखने को मिल सकती है। सोमवार को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के सर्राफा बाजार में सोने की कीमत 700 रुपये गिरकर 90,550 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गई। इसके अलावा, तीन साल से जारी संघर्ष को समाप्त करने के लिए रविवार को सऊदी अरब में यूक्रेन और अमेरिकी अधिकारियों के बीच हुई वार्ता के मद्देनजर रूस-यूक्रेन शांति समझौते की उम्मीदें भी बढ़ी हैं। इस आशावाद के चलते व्यापारियों ने लंबे जमा सौदों की कटान और मुनाफावसूली की प्रक्रिया जारी रखी, जिसके कारण सोने की कीमतों में यह गिरावट देखी गई।

ऑल टाइम हाई से लौटा सोना

शुक्रवार को 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाला सोना 91,250 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था, लेकिन लगातार तीसरे दिन गिरावट के बाद 99.5 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने की कीमत 700 रुपये घटकर 90,100 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई। इसका पिछला बंद भाव 90,800 रुपये प्रति 10 ग्राम था।

सोने में निवेश करना सबसे सुरक्षित

रविवार को यूक्रेन और अमेरिका के बीच रूस के साथ संभावित शांति समझौते की चर्चा के बाद भू-राजनीतिक जोखिमों में कमी आई, जिससे सोने की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई से नीचे आ गईं। हालांकि, पश्चिम एशिया में बढ़ते तनावों के कारण सोने की मांग सुरक्षित निवेश विकल्प के रूप में मजबूत बनी हुई है। इजरायल द्वारा गाजा पट्टी में हमास पर हमले फिर से शुरू करने के कारण यह मांग और भी बढ़ गई है।

चांदी ने छुआ नया रिकॉर्ड

चांदी की कीमतें शुक्रवार के बंद स्तर 1,00,300 रुपये प्रति किलोग्राम से 200 रुपये बढ़कर 1,00,500 रुपये प्रति किलोग्राम हो गईं, जिससे नया रिकॉर्ड बना। मेहता ने कहा कि हालिया गिरावट के बावजूद, अमेरिकी फेडरल रिजर्व (फेड) से और ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदों से सोने की कीमतों में तेजी जारी रहने की संभावना है।

इस बीच, अंतरराष्ट्रीय बाजारों में हाजिर सोना 0.22 प्रतिशत बढ़कर 3,028.90 डॉलर प्रति औंस हो गया।

एचडीएफसी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ विश्लेषक, जिंस सौमिल गांधी के अनुसार, निवेशक सोमवार को आने वाले वृहद आर्थिक आंकड़ों का इंतजार करेंगे, जिनमें अमेरिका में अस्थायी एसएंडपी ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई डेटा और फेडरल सदस्य राफेल बोस्टिक का संबोधन शामिल है।