उत्तराखंड के चमोली जिले के जोशीमठ में रविवार को नंदादेवी ग्लेशियर का एक बड़ा हिस्सा टूट गया, जिससे धौलीगंगा नदी में बड़े पैमाने पर बाढ़ आई। ग्लेशियर टूटने के कारण चमोली जिले में भारी तबाही हुई है। यह हादसा रविवार को 10 से 11 बजे के बीच हुआ। ग्लेशियर के टूटने के बाद पानी घाटियों से होते हुए कई गांवों को अपने चपेट में लेता चला गया। वहां जान-माल का भारी नुकसान हुआ है, जिसका आकलन बाकी है। चमोली पुलिस के अनुसार, टनल में फंसे लोगों के लिए राहत एवं बचाव कार्य जारी। जेसीबी की मदद से टनल के अंदर पहुंच कर रास्ता खोलने का प्रयास किया जा रहा है। अब तक कुल 15 व्यक्तियों को रेस्क्यू किया गया है एवं 14 शव अलग-अलग स्थानों से बरामद किये गये हैं। वहीं अभी टनल में 30 लोग फंसे हुए हैं ।
आइटीबीपी के प्रवक्ता विवेक पांडे ने बताया कि हमने दूसरी सुरंग में खोज अभियान तेज कर दिया है। हमें जानकारी है कि लगभग 30 लोग वहां फंसे हुए हैं। सुरंग को साफ करने के लिए लगभग 300 आइटीबीपी के जवान तैनात हैं। स्थानीय प्रशासन का कहना है कि लगभग 170 लोग लापता हैं।
मौत के मुंह से निकलने के बाद युवक खुशी से झूम उठा।
सुरंग से अब तक 16 लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है।
टनल से जिंदा निकाले गए लोगों को ऑक्सीजन दिया गया।
टनल के अंदर लोगों की तलाश करते सेना के जवान
तपाेवन में इसी जगह कई लोग मिट्टी में दबे हुए हैं
पावर प्लांट में खड़े वाहनों और मशीनों पर मलबा जम गया