पहले नए साल की शुरुआत के साथ ही फास्टैग की अनिवार्यता जरूरी थी जिसे अब नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने डेढ़ महीने आगे बढ़ा दिया है। अब 15 फरवरी से फास्टैग अनिवार्य होगा। जिन वाहन मालिकों ने चौपहिया वाहन पर फास्टैग नहीं लगाया, वे अब 15 फरवरी तक लगवा सकते हैं।
निर्धारित तारीख तक प्रदेश के नेशनल हाईवेज के 89 टोल प्लाजाओं पर पहले की तरह एक केस लेन चालू रहेगी। तारीख बढ़ाने के पीछे एनएचएआई का तर्क है कि अभी तक 75 से 80 प्रतिशत वाहनों पर ही फास्टैग लगा हुआ है। सरकार यह आंकड़ा 100% करना चाहती है।
एनएचएआई ने 1 दिसंबर 2017 के बाद से नए चार पहिया वाहनों के लिए रजिस्ट्रेशन के समय ही अनिवार्य कर दिया गया था। इस फैसले को लागू करने के लिए सरकार को मोटर व्हीकल एक्ट में संशोधन भी करना पड़ा था। स्टेट हाईवेज के टोल प्लाजाओं पर फास्टैग की अनिवार्यता नहीं रहेगी।इन टोल प्लाजा पर वाहन मालिक पहले की तरह केस भुगतान करके निकल सकते हैं। प्रदेश में स्टेट हाईवेज के 184 टोल प्लाजा है। इन सभी पर केस लेन पहले की तरह चालू रहेगी। स्टेट के 184 टोल प्लाजाओं को रिर्डकोर, आरएसआरडीसी और पीडब्ल्यूडी जिम्मे हैं। इन टोल से हर दिन करीब 1 करोड़ से अधिक वाहन गुजरते हैं।