गोली से नहीं ट्रैक्टर के पलटने से ही हुई थी किसान की मौत: पोस्टमार्टम रिपोर्ट

दिल्ली में मंगलवार को हुए बवाल के दौरान जिस किसान की मौत हुई थी अब उसकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आ गई। किसान की मौत पुलिस की गोली लगने से नहीं बल्कि ट्रैक्टर के पलटने से आई चोटों के कारण हुई है। दरअसल, आंदोलनरत किसानों ने आरोप लगाया कि किसान की मौत पुलिस की गोली लगने से हुई है। इसको लेकर काफी हंगामा भी हुआ था।

एडीजी बरेली अविनाश चंद्रा ने बताया कि किसान की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आ गई और अब इस बात की पुष्टि हो गई है कि किसान की मौत गोली लगने से नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि उसकी मौत ट्रैक्टर के पलट जाने के कारण आई चोटों के चलते हुई है।

आंदोलनकारी किसानों ने पूर्व घोषणा के तहत मंगलवार 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस पर ट्रैक्टर रैली निकाली। इस दौरान कई जगहों पर प्रदर्शनकारी किसानों और दिल्ली पुलिस के बीच झड़प हुई। किसान ऐतिहासिक लाल किला और आईटीओ भी पहुंचे और यहां उन्होंने जमकर उपद्रव मचाया। कई जगहों पर वो ट्रैक्टर परेड के लिए तय रास्तों को छोड़कर अन्य रास्तों से जाने लगे और उन्हें रोकने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा और आंसू गैस के गोले भी दागे गए। इस दौरान किसानों ने ट्रैक्टरों को दिल्ली की सड़कों पर दौड़ाया और तेजी से चलाते हुए कई जगह पुलिसकर्मियों पर भी हमला किया। इसी दौरान एक ट्रैक्टर पलट गया और हादसे में एक किसान की मौत हो गई।

आपको बता दे, 26 जनवरी को दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में हुए किसानों के हिंसक प्रदर्शन का अगला दिन कार्रवाईयों का रहा। बुधवार सुबह से ही दिल्ली पुलिस सक्रिय हो गई। शाम होते-होते 37 किसान नेताओं पर FIR दर्ज कर ली गई। इसके साथ ही 200 लोगों को हिरासत में ले लिया गया। इन पर हिंसा करने और लोगों को भड़काने के आरोप हैं। वहीं, गणतंत्र दिवस पर निकाली गई किसान ट्रैक्टर रैली के दौरान मचे बवाल और हिंसा के बाद बुधवार को किसान नेताओं ने अपना रुख स्‍प्‍ष्‍ट किया। संयुक्‍त किसान मोर्चा के बैनर तले किसान नेता बलबीर सिंह राजेवाल ने कहा कि कल किसान गणतंत्र परेड में 2 लाख से ज्‍यादा ट्रैक्‍टर आए और दुनिया की नजरें इस पर रहीं। सरकार ने साजिश के तहत इसे तोड़ने की कोशिश की। सरकार ने पंजाब किसान मजदूर समिति को खुद परेड में आगे लाकर बैठाया। सरकार की इनसे मिलीभगत थी। हमारे लिए हर रूट पर बाधाएं खड़ी की गईं।