IPL 2020 : सामने आया 'बायो-बबल' के उल्लंघन का मामला! इससे जुड़े नियम में एक करोड़ रुपये का जुर्माना और लीग से बाहर होगा खिलाड़ी

इस बार का आईपीएल कोरोना के खतरे को देखते हुए UAE में बायो-बबल की सुरक्षा के साथ करवाया जा रहा हैं। ऐसे में लगातार खिलाड़ियों और उनके स्टाफ की कोरोना जांच की जा रही हैं। ऐसे में बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया जब CSK टीम के पेसर केएम आसिफ द्वारा कथित तौर पर 'बायो-बबल' का उल्लंघन किया गया। हालांकि छह दिन क्वारंटीन में बिताने के बाद वह दोबारा टीम के साथ जुट चुके हैं। टीम के सीईओ कासी विश्वनाथन ने खबर ही खारिज कर दी। समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत के दौरान विश्वनाथन ने बताया कि टीम के होटल में एक अलग क्षेत्र है, जो खिलाड़ियों और स्टाफ की मदद के लिए बना है और वहां काम करने वाले स्टाफ सदस्यों की लगातार जांच की जाती है।
विश्वनाथन ने इसे अधूरा सच बताया और मामले में टीम की ओर से अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि, 'यह सच है चाबी खो गई थी और आसिफ दूसरी चाबी भी लेने गए थे, लेकिन टीम मैनेजमेंट की सेवा के लिए एक अलग टीम बनाई गई है, वो सामान्य स्टाफ नहीं बल्कि उसी निर्धारित डेस्क पर गए थे। मामले को जबरदस्ती तूल दिया जा रहा है। खिलाड़ियों के अब तक 14 जांच हो चुके हैं। आसिफ भी उसका हिस्सा थे, वो भी निगेटिव हैं। होटल स्टाफ का भी हर रोज जांच हो रही है।'

- इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के दौरान ‘बायो-बबल’ से उल्लंघन पर खिलाड़ी को टूर्नमेंट से बाहर होना पड़ सकता है और उनकी टीमों के एक करोड़ रुपये का भारी जुर्माना भरने के अलावा टेबल में पॉइंट भी काटे जा सकते हैं। बीसीसीआई ने भाग लेने वाली सभी आठ फ्रैंचाइजी टीमों को चेतावनी दी है कि ‘बायो-बबल’ से अनधिकृत रूप से बाहर जाने पर खिलाड़ी को छह दिन के क्वॉरंटीन में जाना होगा।- अगर ऐसा दूसरी बार होता है तो एक मैच का बैन लगाया जाएगा और तीसरी बार उल्लघंन करने पर उस खिलाड़ी को टूर्नमेंट से बाहर कर दिया जाएगा और उसकी जगह टीम को कोई और खिलाड़ी भी नहीं मिलेगा।

- खिलाड़ियों को दैनिक स्वास्थ्य पासपोर्ट पूरा नहीं करने, जीपीएस ट्रैकर नहीं पहनने और निर्धारित कोरोना जांच समय पर नहीं करवाने पर 60 हजार रुपये के करीब का जुर्माना देना पड़ सकता है। यही नियम परिवार के सदस्यों और टीम अधिकारियों के लिए भी हैं।