राजधानी में दिसंबर माह में कोरोना संक्रमण झोटवाड़ा, मानसरोवर, वैशाली नगर, सोडाला व मालवीय नगर क्षेत्र में ज्यादा रहा है, जहां पर सबसे ज्यादा मामले मिले है। झोटवाड़ा में 696 पॉजिटिव पाए जाने पर पहले नंबर पर, मानसरोवर में 599, वैशाली नगर में 569, सोडाला में 450 और मालवीय नगर में 442 मिले है।
इधर, जयपुर मे नवंबर माह में सबसे ज्यादा जांचे 179024 हुई, तो पॉजिटिव की संख्या भी सबसे ज्यादा 14401 मिले है। एसएमएस अस्पताल के मेडिसन विभाग के डॉ.रमन शर्मा, आरयूएचएस कोविड प्रभारी डॉ.अजीत सिंह का कहना है कि जिन क्षेत्रों में घनी आबादी, भीड़-भाड़, मास्क नहीं लगाना और सब्जी मंडी, फूड जंक्शन ज्यादा होते है, वहां पर वायरस संक्रमण फैल सकता है। ऐसे में सोश्यल डिस्टेसिंग की सख्ती से पालना करना अनिवार्य है। झोटवाड़ा, मानसरोवर, वैशाली नगर, सोडाला व मालवीय नगर में संक्रमण का ये ही कारण है।
‘कॉन्टेक्ट ट्रेसिंंग’ में फेल, संक्रमण फैलने का खतरा
ब्रिटेन में नए प्रकार के वायरस के बाद सरकार की नींद उड़ गई है। यह वायरस राज्य में भी दस्तक दे सकता है। केन्द्र ने बाहर से आने वालों की 800 लोगों की सूची भेजी है। इसमें जयपुर समेत प्रदेश के विभिन्न जिलों के लोग शामिल है। इधर-उधर होने से ‘कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग’ में फेल हो रहा है, जिससे नया स्ट्रेन ज्यादा फैलने का खतरा मंडराने लगा है।