महाराष्ट्र में शिवसेना को समर्थन देने के मुद्दे को लेकर कांग्रेस के कुछ नेताओं ने पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात की। दरअसल, महाराष्ट्र में शिवसेना को समर्थन देने के मुद्दे पर कांग्रेस बंट गई है। राज्य इकाई के नेताओं का कहना है कि सरकार बनाने के लिए पार्टी को शिवसेना का समर्थन करना चाहिए, लेकिन कांग्रेस नेतृत्व जल्दबाजी में फैसला लेना नहीं चाहती। समर्थन पर वे एनसीपी के फैसले का भी इंतजार कर रहे हैं। वहीँ यह भी खबर है कि कांग्रेस विपक्ष में बैठने को तैयार है। इससे साफ है कि कांग्रेस महाराष्ट्र में जोड़-तोड़ के दम पर सरकार नहीं बनाएगी और विपक्ष में ही बैठना उचित समझ रही है।
कांग्रेस अगर विपक्ष में बैठती है तो इससे वह शिवसेना के अरमानों पर भी पानी फेर देगी। बता दें कि शुक्रवार को ही शिवसेना ने कहा कि महाराष्ट्र का सीएम शिवसेना का ही होगा। मुख्यमंत्री की कुर्सी को लेकर बीजेपी से जारी खींचतान के बीच शिवसेना बड़े ही अरमानों के साथ एनसीपी और कांग्रेस की ओर देख रही थी। शिवसेना को आस है कि वह एनसीपी और कांग्रेस के समर्थन से वह सरकार बना लेगी। लेकिन अब जब कांग्रेस विपक्ष में बैठने को तैयार है तो इससे साफ है कि शिवसेना की उम्मीदों को तगड़ा झटका लगा है।
दरअसल, 288 सीटों वाली महाराष्ट्र विधानसभा में बहुमत के लिए 145 सीट चाहिए। शिवसेना के 56 और एनसीपी के 54 विधायक हैं। यानी कुल 110 विधायक ही होते हैं जो बहुमत के मैजिक नंबर से 35 कम है। ऐसे में उन्हें कांग्रेस के 44 विधायकों के समर्थन की जरुरत होती। लेकिन अब जब कांग्रेस विपक्ष में बैठने को तैयार है तो शिवसेना के लिए बिना बीजेपी के सरकार बनाना बेहद मुश्किल होगा।वही आज संजय राउत ने तीखे तेवर दिखाते हुए कहा कि अगर शिवसेना ने निर्णय कर लिया तो महाराष्ट्र में स्थायी सरकार गठन के लिए बहुमत जुटा सकती है। संजय राउत का कहना है कि लिखकर ले लीजिए, मुख्यमंत्री शिवसेना का ही होगा। सरकार गठन की प्रक्रिया तय वादों के हिसाब से ही आगे बढ़ेगी। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य की जनता चाहती है कि जो भाजपा-शिवसेना के बीच 50-50 का फॉर्मूला तय हुआ था, उसी पर बात आगे बढ़े। अगर ऐसा नहीं होता तो फिर उद्धव जी और हमारे पास कोई विकल्प नहीं बचता। इसके अलावा संजय राउत ने ट्विटर पर लिखा, ‘साहेब! मत पालिए, अहंकार को इतना, वक्त के सागर में कई सिकंदर डूब गए।’ दरअसल, शिवसेना बीजेपी को 50-50 फॉर्मूले की याद दिलाई रही है और बीजेपी इसपर राजी नहीं है। वहीं शिवसेना भी पीछे नहीं हट रही है और लगातार बयानबाजी कर रही है। वहीं विधानसभा चुनाव में सबसे ज्यादा सीटें जीतने वाली बीजेपी सरकार बनाने को लेकर आश्वस्त है। बीजेपी ने शपथ ग्रहण समारोह के लिए मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम को बुक भी कर दिया है। सूत्रों के मुताबिक, बीजेपी ने स्टेडियम को 5 नवंबर के लिए बुक किया है। भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) से इजाजत के बाद स्टेडियम शपथ ग्रहण के लिए बीजेपी को मिल सकेगा।