जोधपुर के आयुर्वेद विश्वविद्यालय परिसर में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया जहां जरा सी लापरवाही ने तीन साल की मासूम की जान छीन ली। यहां बाल्टी में बिजली की रॉड से पानी गरम हो रहा था, तभी चतुर्थ श्रेणी महिला कर्मचारी की तीन साल की बेटी ने बाल्टी में हाथ डाला जिससे करंट लगा और बच्ची झुलस गई। बच्ची को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई। पुलिस ने कार्रवाई कर शव परिजनों को सौंप दिया।
थानाधिकारी भरत रावत ने बताया कि मूलत: अजमेर के ब्यावर स्थित सूरजपुरा की रहने वाली पायल कंवर पत्नी नरेंद्रसिंह रावत की तरफ से मर्ग की रिपोर्ट दी गई। इसमें बताया कि वह आयुर्वेद विश्वविद्यालय में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के पद पर कार्यरत है। उनके पति की मौत के दो माह बाद नेहा का जन्म हुआ था। पति चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के पद पर ही थे। 23 फरवरी को उसकी तीन साल की बेटी नेहा आंगन में खेल रही थी, तब वहां पानी गर्म करने के लिए बाल्टी लगी हुई थी। वह खेलते हुए बाल्टी के नजदीक पहुंच गई और हाथ डाल दिया। इससे करंट लगा और वह झुलस गई। उसे एमजीएच ले गए, जहां उसकी मौत हो गई।