लखनऊ : फांसी लगा कर व्यापारी ने की खुदकुशी, सुसाइड नोट में लगाए धोखाधड़ी और गुंडा टैक्स के आरोप

कई बार मानसिक तनाव इतना बढ़ जाता हैं कि व्यक्ति गलत कदम उठाते हुए सुसाइड करने का फैसला ले लेता हैं। ऐसा ही कुछ देखने को मिला लखनऊ में जहां विभूति खंड थाना क्षेत्र के विक्रांतखंड निवासी व्यापारी रामचंद्र श्रीवास्तव ने बुधवार को फांसी लगा कर खुदकुशी कर ली। देर रात सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस को एक सुसाइड नोट मिला है। जिसमें रियल एस्टेट कंपनी के निदेशक पर धोखाधड़ी कर रुपये हड़पने और गुंडा टैक्स मांगने का आरोप लगाया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

प्रभारी निरीक्षक विभूति खंड संजय शुक्ला के मुताबिक, रामचंद्र श्रीवास्तव की देवा रोड औद्योगिक एरिया में प्लास्टिक का कारोबार है। बुधवार सुबह वह बेटे प्रशांत के कमरे में थे। जहां रामचंद्र ने दरवाजा बंद कर फांसी लगा ली। प्रशांत ने पिता को फंदे से झूलते देख शोर मचाया। आनन-फानन में परिवार वाले व्यापारी को लेकर सुषमा अस्पताल पहुंचे, जहां हालत नाजुक होने पर रामचंद्र को लोहिया अस्पताल रेफर कर दिया गया। देर रात इलाज के दौरान व्यापारी की मौत हो गई।

इसके बाद रात करीब 12:15 बजे विभूतिखंड पुलिस को सूचना मिली। प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि परिवार वालों ने रामचंद्र के हाथ से लिखा एक सुसाइड नोट पुलिस को सौंपा है। जिसमें रॉयल इंफ्रा के निदेशक अंशु, अजीत और एक संस्था से जुड़े संदीप सिंह पर प्रताड़ित करने की बात व्यापारी ने लिखी है।

प्रभारी निरीक्षक संजय शुक्ल के मुताबिक, शव पोस्टमार्टम को भेजा गया है। सुसाइड नोट की जांच पुलिस कर रही है। रामचंद्र श्रीवास्तव के बेटे प्रशांत के अनुसार, इंफ्रा कंपनी निदेशकों ने निवेश पर मुनाफे का झांसा देकर लाखों रुपये ऐंठे थे। देर रात बेटे ने सुसाइड नोट के आधार पर तहरीर दी है। मामले की जांच की जा रही है।