बुराड़ी कांड: घर में लगे 11 पाइप, पुलिस के लिए बने रहस्य

बुराड़ी के जिस घर में एक साथ एक ही परिवार के 11 लोग मौत के मुंह में समा गए उस घर की दिवार पर लगे 11 पाइप एक रहस्य बने हुए है। अगर हम तस्वीर में देखे तो इस तरह के पाइप किसी भी घर में नहीं लगे होते क्योंकि न तो इनसे पानी की कोई निकासी है और न ही एक साथ इतने पाइप की कोई जरूरत है। अब पुलिस एक परिवार के 11 लोगों की मौत का रहस्य पता करने के राजमिस्त्री और उसकी बेटी समेत उसके कर्मचारियों से पूछताछ की है। इसी राजमिस्त्री ने उसके घर में 11 पाइप लगाए थे।

पुलिस परिवार के रिश्तेदारों, पड़ोसियों और कर्मचारियों से पूछताछ कर रही है। क्राइम ब्रांच इस मामले में अब तक 180 से ज्यादा लोगों से पूछताछ की जा चुकी है। पुलिस ने गीता से भी करीब दो घंटे तक पूछताछ की जो कुछ खबरों के हिसाब से स्वयंभू साध्वी है और उससे ललित मिला था। गीता राजमिस्त्री की बेटी है। इसी राजमिस्त्री ने घर में 11 पाइप लगाए थे। खबरों के अनुसार ललित हाल ही में गीता से मिला था और उसने उससे कहा था कि वह 10 जुलाई को फिर उससे मिलेगा। गीता ने पुलिस से कहा कि उसका इन मौतों से कोई लेना-देना नहीं है।

अधिकारी ने कहा, ‘इस परिवार के साथ गीता का एकमात्र संबंध यह था कि वह राजमिस्त्री की बेटी है। उसने पुलिस से कहा कि वह कभी ललित से नहीं मिली है। पुलिस 11 पाइपों का रहस्य भी नहीं हल कर पाई है जो दीवार के बाहर एक खाली भूखंड की तरफ निकले हुए हैं। चूंडावत परिवार ने 11 पाइपों और मौत के बीच कोई संबंध होने से इनकार किया है। इस में 11 परिवारों की मौत हुई जिनमें से 10 रविवार को फांसी के फंदे से लटके मिले थे जबकि परिवार की मुखिया 77 वर्षीय नारायण देवी एक अन्य कमरे में मृत पड़ी मिली थी।

ललित के प्लान से सहमत नहीं था भाई भूपेंद्र


इस घटना के मास्टरमाइंड माने जाने वाले ललित की योजना से उसका भाई भूपेंद्र सहमत नहीं था। साथ ही, फंदे पर लटकने के बाद भूपेंद्र ने खुद को बचाने की कोशिश की थी।

सूत्रों के अनुसार एक तस्वीर सामने आई है जिसमे यह साफ दिखाई दे रहा है कि भूपेंद्र ललित के कहने पर फंदे से लटक तो गया, लेकिन वो मरना नहीं चाहता था। यही कारण है कि तस्वीर में उसका हाथ लटकने के बाद फंदे से खुद को अलग करने की कोशिश करने जैसा दिखाई दे रहा है। क्राइम ब्रांच का कहना है कि तस्वीर में दिखाई दे रहा है कि मौत के बाद भूपेंद्र का एक हाथ रस्सी से बंधा था व दूसरा हाथ आजाद था। इससे ऐसा जाहिर हो रहा है कि भूपेंद्र ने फंदा हटाने की नाकाम कोशिश की होगी।

आपको बता दें कि मृतकों की पहचान नारायण देवी (77), उनकी बेटी प्रतिभा (57) और दो बेटे भावनेश (50) और ललित भाटिया (45) के रूप में हुई है। भावनेश की पत्नी सविता (48) और उनके तीन बच्चे मीनू (23), निधि (25) और ध्रुव (15), ललित भाटिया की पत्नी टीना (42) और उनका 15 वर्ष का बेटा शिवम , प्रतिभा की बेटी प्रियंका (33) भी मृत मिले। प्रियंका की पिछले महीने ही सगाई हुई थी और इस साल के अंत तक उसकी शादी होनी थी।