आए दिन दहेज़ के कई ऐसे मामले सामने आते हैं जिसमें महिलाओं को घरेलू हिंसा का सामना करना पड़ता हैं। इसका एक भयावह रूप देखने को मिला राजस्थान के भरतपुर में जहां शादी को साल भी पूरा नहीं हुआ था और पत्नी ने दीपावली से महज दो दिन पूर्व अर्धांगिनी को जलाकर मार डाला और वारदात के बाद से ही वह मौके से फरार चल रहा है। यह आरोप है कस्बा सेवर निवासी राजेंद्र कुमार जाट का।
राजेंद्र कुमार जाट ने मंगलवार को मीडिया को जानकारी देते बताया कि उसने अपनी बेटी ममता उर्फ हेमलता की शादी 1 दिसंबर 2019 को ग्राम लठाकुरी थाना मगोर्रा (मथुरा) निवासी फौज में कार्यरत विजय कुमार पुत्र रामकिशन के साथ बड़ी धूमधाम से की थी। उपहार में 11 लाख रुपए नकद, बाइक, फ्रिज, एसी, एलईडी टीवी, सात तोला सोना, सोफा सेट, डाइनिंग टेबल, बेड एवं अन्य घरेलू सामान भी दिया था।
इसके बावजूद शादी के कुछ दिन बाद से ही उसका पति विजय कुमार और अन्य ससुराली जन 10 लाख रुपए नगद और फोर व्हीलर की मांग को लेकर ममता को प्रताड़ित करने लगे। ममता ने जब अपने ऊपर की जा रही प्रताड़ना के बारे में बताया तो उसके ससुरालीजनों से समझाइश की गई। लेकिन फिर भी उनके अत्याचार कम नहीं हुए।
आखिरकार दीपावली से दो दिन पूर्व 12 नवंबर को पति एवं ससुरालीजनों ने दहेज की खातिर उसकी आग लगाकर हत्या कर दी। पिता राजेंद्र कुमार ने बताया कि उसे फोन पर सूचना मिली कि तुम्हारी पुत्री की तबीयत खराब है, वहां जाकर देखा तो ममता छत के ऊपर बने कमरे के बाहर बुरी तरह जली हुई मृत अवस्था में पड़ी थी।
तत्काल मगोर्रा थाना पुलिस को घटना की सूचना दी गई। लेकिन पुलिस टीम के आने से पूर्व ही आरोपी फौजी पति विजय कुमार मौके से फरार हो गया। पीडित पिता राजेंद्र कुमार का आरोप है कि वहीं अन्य आरोपी ससुरालीजन खुलेआम घूम कर हमें पुलिस रिपोर्ट वापस लेने के लिए धमका रहे हैं। लेकिन पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर रही है।