दौसा। राजस्थान के वन क्षेत्रों में आग के मामले बढ़ने लगे हैं। पिछले दिनों माउंट और सवाई माधोपुर के टाइगर रिजर्व में भीषण आग लगी थी और अब दौसा जिले के मेहंदीपुर बालाजी क्षेत्र के जंगलों में आग लग गई। इस आग से 40 हैक्टेयर से ज्यादा क्षेत्र को नुकसान हुआ है। आग को लेकर यह आशंका व्यक्त की जा रही है कि यह रंजिश के दौरान लगाई गई है। पिछले दिनों इस क्षेत्र को अवैध खननकर्ताओं और अतिक्रमियों से मुक्त कराया गया था। आशंका व्यक्त की जा रही है कि यह आग उन्होंने ही लगाई है। जाँच जारी है।
जिले के मेहंदीपुर बालाजी क्षेत्र के नांदरी गांव के वन क्षेत्र में मंगलवार दोपहर आग लग गई। देखते ही देखते आग विकराल हो गई। आग करीब 40 हैक्टेयर वन भूमि में फैल गई। इससे ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। वनभूमि में आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन हवा के चलते आग पूरे क्षेत्र में फैल गई।
बालाजी वन नाके के फॉरेस्टर दिनेश मीना ने बताया कि जिले के बालाजी वन नाका क्षेत्र के नांदरी में मंगलवार सुबह 11.30 बजे अचानक आग लग गई। इस दौरान धुंए का गुब्बार उठता देख ग्रामीण मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने वन अधिकारियों को आग की सूचना दी। आग की सूचना मिलने पर वनकर्मियों के साथ मौके पर पहुंचा। आग भीषण हो चुकी थी। दमकल बुलाए। दमकल और ग्रामीणों के सहयोग से करीब 2 घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। तब वन क्षेत्र का करीब 40 हैक्टेयर क्षेत्र आग की चपेट में आ चुका था। खननकर्ताओं पर आग लगाने का अंदेशा
वन नाके के फॉरेस्टर ने बताया कि आग लगने से वन भूमि में आरडीएफ फर्स्ट योजना में कराए प्लांटेशन के 15 हजार पौधे जल गए। अगर समय रहते आग पर काबू नहीं पाते तो आग और भीषण हो सकती थी। उन्होंने बताया कि कुछ माह पूर्व वन भूमि पर अतिक्रमियों का कब्जा था। उसे मुक्त करवा प्लांटेशन करवाया था। आशंका है कि खननकर्ताओं और अतिक्रमियों ने रंजिशन वन भूमि में आग लगाई है। इसकी जांच की जा रही है।