बीते दिनों गोविंद सिंह डोटासरा संक्रमित आने के बाद से सीकर में अपने घर पर आइसोलेशन में हैं। उन्होंने जिले के भामषाओं से प्रशासन की मदद करने की अपील की थी।ऐसे में सीकर के स्कूल और कोचिंग संचालक कोविड महामारी में मदद के लिए आगे आए है। उन्होेने कलेक्टर अविचल चतुर्वेदी से मिलकर एक करोड़ रुपए की मदद का भरोसा दिलाया है। सांसद सुमेधानंद ने भी दस लाख रुपए कोविड मैनेजमेंट के लिए सांसद कोष में दिए है।
सीएमएचओ डॉ अजय चौधरी ने बताया कि गुरूवार को 849 नए कोरोना पॉजिटिव आए हैं। वहीं पूर्व संक्रमित 409 स्वस्थ हुए हैं। एक्टिव केस 5 हजार 898 है। चार महिलाओं सहित दस कोरोना संक्रमित व्यक्तियों की मृत्यु हुई है। एक मार्च से लेकर अब तक जिले में 47 लोगों की मृत्यु हो चुकी है। इनमें सीकर शहर में 184, श्रीमाधोपुर में सबसे अधिक 136, फतेहपुर क्षेत्र में 91, खण्डेला ब्लॉक में 104, कूदन क्षेत्र में 22, लक्ष्मणगढ़ क्षेत्र में 77, नीमकाथाना ब्लॉक में 127, पिपराली क्षेत्र में 103, श्रीमाधोपुर ब्लॉक में 136 और दांता क्षेत्र में 5 नए कोरोना पॉजीटिव आए हैं।
क्लाॅज संपर्क में आने से 232 और लक्षणात्मक 376 पाॅजीटिव सीएमएचओ डॉ चौधरी ने बताया कि पॉजिटिव आए व्यक्तियों में क्लॉज संपर्क में आने से 232 संक्रमित हुए है। वहीं लक्षणात्मक 376, रैण्डम सैम्पलिंग में 196, यात्रा करने से पहले करवाई गई जांच में 27 और 12 माइग्रेट हैं, जो दूसरे राज्य व जिले से आए है। वहीं 6 हैल्थ वर्कर भी कोरोना संक्रमित आए हैं।
राजस्थान में कोरोना : रिकॉर्ड 17,269 नए मरीज, 158 की मौत, मुख्यमंत्री गहलोत भी संक्रमित
राजस्थान में पिछले 24 घंटे के अंदर रिकॉर्ड 17,269 पॉजिटिव केस मिल हैं, जो एक दिन में मिले संक्रमित केसों में सर्वाधिक है। वहीं, कोरोना से एक दिन में 158 मरीजों की मौत भी हुई। बीते दिन 10,964 मरीज ठीक होकर घर को गए। राज्य में बीते दिन सबसे ज्यादा कोरोना मरीज मिले हैं। यहां 3602 मरीज मिले हैं और 32 लोगों की मौत हो गई। इसी के साथ सूबे के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भी संक्रमित हो गए है। कोरोना के बढ़ते केसों को देखते हुए सरकार राज्य में लगाए सशर्त लॉकडाउन को 3 मई से बढ़ाकर 15 मई तक कर सकती है। राजस्थान में संक्रमण बढ़ने के साथ रिकवरी रेट का ग्राफ भी धीरे-धीरे नीचे आ रहा है। बीते दिन राज्य की रिकवरी रेट गिरकर 70.11% पर पहुंच गई। उत्तराखण्ड के बाद राजस्थान ऐसा दूसरा ऐसा राज्य है, जहां सबसे कम रिकवरी रेट है। उत्तराखण्ड में रिकवरी रेट 68.80% है, जो देश में सबसे कम है।