इस कोरोनाकाल में अस्पतालों की व्यवस्था बिगडती चली जा रही हैं जिसकी वजह से लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ रही हैं। इसका एक नजारा देखने को मिला पाली में जहां एक वृद्धा की तबियत खराब होने के बाद अस्पतालों की लचर व्यवस्था के चलते उसे डेढ़ घंटे तक इलाज नहीं मिल पाया जिसकी बदौलत उसक मौत हो गई। मृतका की पहचान 60 वर्षीय चांदकंवर पत्नी मोहनसिंह के रूप में हुई हैं। रोते हुए परिजनों ने कहा पिछले करीब डेढ़ घंटे से इन्हें उपचार के लिए लेकर घूम रहे थे। निजी अस्पताल ले गए तो बांगड़ अस्पताल भेजा गया। यहां कोविड में गए तो ट्रोमा में भेजा गया। इसमें ही हमारा डेढ़ घंटा खराब हो गया। समय पर उपचार शुरू हो जाता तो उनकी मौत नहीं होती। इस दौरान कोई गाड़ी नहीं मिलने के कारण परिजन चंदाकंवर को पिकअप गाड़ी में डालकर उपचार के लिए लेकर घूमते रहे। अस्पताल प्रबंधन के गैर जिम्मेदार रवैये के चलते उन्हें समय पर उपचार नहीं मिल सका।
शहर के आशापुरा नगर खोडिया बालाजी क्षेत्र की 60 वर्षीय चांदकंवर पत्नी मोहनसिंह का बुधवार को बीपी बढ़ गया। परिजन तुरंत उन्हें शहर के एक निजी अस्पताल ले गए। जहां चांदकंवर की सांसे ऊपर-नीचे होते देख कोविड होने की आशंका जताते हुए बांगड़ अस्पताल में ले जाने की सलाह दी। परिजन उन्हें तुरंत बांगड़ अस्पताल के ट्रोमा वार्ड में लेकर पहुंचे। यहां से उन्हें कोविड ओपीडी में भेजा गया। जांच में ऑक्सीजन लेवल ठीक होने पर उन्हें फिर से ट्रॉमा वार्ड में भेजा गया। परेशान परिजन मरीज चंद्राकंवर को फिर से ट्रॉमा वार्ड में लेकर आए। जब जाकर उन्हें भर्ती किया गया लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। समय पर उपचार शुरू नहीं होने से वृद्धा चंदाकंवर की सांसें थम चुकी थीं।