मिडिल-ईस्ट में जारी भू-राजनीतिक तनाव के चलते सोने और चांदी की कीमतों में इन दिनों भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। साल की शुरुआत में जनवरी के दौरान दोनों कीमती धातुएं अपने ऐतिहासिक उच्च स्तर पर पहुंच गई थीं, लेकिन उसके बाद से बाजार में लगातार गिरावट का रुख बना हुआ है।
जनवरी के अंत से ही सोना और चांदी दोनों की कीमतों में तेज हलचल बनी हुई है। मौजूदा स्थिति पर नजर डालें तो दोनों ही धातुओं के दाम अपने रिकॉर्ड स्तर से काफी नीचे आ चुके हैं। चांदी जहां अपने ऑलटाइम हाई से करीब 1.92 लाख रुपये तक गिर चुकी है, वहीं सोने की कीमत में भी 48,271 रुपये की बड़ी कमी दर्ज की गई है।
MCX पर गिरावट के बाद भी सोने में हल्की मजबूतीशुक्रवार को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर 2 अप्रैल डिलीवरी वाला सोना बढ़त के साथ 1,44,825 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। वहीं, 5 मई डिलीवरी वाली चांदी 1.72 प्रतिशत की गिरावट के साथ 2,27,470 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई।
आपको बता दें कि 29 जनवरी को MCX पर चांदी ने 4,20,048 रुपये प्रति किलोग्राम का लाइफटाइम हाई छुआ था। इसी दिन सोना भी 1,93,096 रुपये प्रति 10 ग्राम के अपने सर्वोच्च स्तर पर पहुंच गया था। इस लिहाज से अब तक सोना अपने उच्चतम स्तर से 48,271 रुपये और चांदी करीब 1,92,578 रुपये तक सस्ती हो चुकी है।
सर्राफा बाजार में भी नरमी का रुखघरेलू सर्राफा बाजार में भी कीमतों में गिरावट का असर साफ दिखाई दे रहा है। शुक्रवार, 20 मार्च को दिल्ली में 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने का भाव 650 रुपये (0.42%) की गिरावट के साथ 1,52,650 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया।
अगर इसके पिछले रिकॉर्ड से तुलना करें, तो 29 जनवरी 2026 को यही सोना 1,83,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर था। यानी अब सोना अपने उच्चतम स्तर से 30,350 रुपये तक नीचे आ चुका है। गौरतलब है कि शनिवार और रविवार को सर्राफा बाजार बंद रहता है।
चांदी में ज्यादा गिरावट, कीमतों में बड़ा अंतरसोने के मुकाबले चांदी की कीमतों में अधिक गिरावट देखने को मिली है। हालांकि शुक्रवार को दिल्ली सर्राफा बाजार में चांदी 1,800 रुपये (लगभग 1%) बढ़कर 2,40,500 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई।
लेकिन अगर इसके ऑलटाइम हाई की बात करें, तो 29 जनवरी 2026 को चांदी 4,04,500 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई थी। इस हिसाब से मौजूदा कीमतों में करीब 1,64,000 रुपये की भारी गिरावट दर्ज की गई है।
बाजार में अनिश्चितता बरकरारविशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक तनाव और आर्थिक अनिश्चितता के चलते सोने-चांदी की कीमतों में आगे भी उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। निवेशकों के लिए यह समय सतर्क रहने और बाजार की चाल को समझकर ही निर्णय लेने का है।