केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए पार्टी के नेतृत्व, नीतियों और चुनावी रणनीति पर सवाल खड़े किए हैं। दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस लगातार चुनावों में हार का सामना करने के बाद अपनी विफलता की जिम्मेदारी लेने के बजाय संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बना रही है। चौहान ने कांग्रेस को ‘परजीवी पार्टी’ बताते हुए कहा कि अब वह दूसरे राजनीतिक दलों के सहारे अपनी राजनीति आगे बढ़ाने की कोशिश कर रही है। शिवराज सिंह चौहान के मुताबिक, कांग्रेस की चुनावी हार के लिए चुनाव आयोग को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है। उन्होंने पार्टी के नेतृत्व को विचारों और स्पष्ट दिशा से वंचित बताते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस जनता का भरोसा खो चुकी है। उन्होंने असम, त्रिपुरा, राजस्थान और हिमाचल प्रदेश के चुनावों का उल्लेख करते हुए कहा कि लगातार हार के बाद कांग्रेस आंदोलन के जरिए अपनी नाराजगी जाहिर करती है और इसके लिए संवैधानिक संस्थाओं को जिम्मेदार ठहराती है।
कांग्रेस के नेतृत्व और दूसरे दलों पर निर्भरता को लेकर उठाए सवालकेंद्रीय मंत्री ने कांग्रेस की आंतरिक राजनीति का जिक्र करते हुए कहा कि पार्टी के भीतर कई राज्यों में नेतृत्व को लेकर विवाद बने हुए हैं। उन्होंने पंजाब में प्रदेश अध्यक्ष बदले जाने और कर्नाटक में मुख्यमंत्री सिद्धारमैया तथा डीके शिवकुमार के बीच नेतृत्व को लेकर चल रही खींचतान का उल्लेख किया। चौहान ने दावा किया कि कुछ राज्यों को छोड़कर अन्य जगहों पर कांग्रेस की स्थिति अपने सहयोगी दलों के मुकाबले कमजोर हो गई है। उनके अनुसार, पार्टी अब स्वतंत्र रूप से अपनी राजनीतिक ताकत के दम पर आगे बढ़ने के बजाय दूसरे दलों पर निर्भर होती जा रही है। इसी आधार पर उन्होंने कांग्रेस को ‘परजीवी पार्टी’ कहा। उनकी टिप्पणी का मुख्य निशाना कांग्रेस की चुनावी स्थिति और संगठनात्मक नेतृत्व रहा। चौहान ने आरोप लगाया कि पार्टी लगातार चुनावी हार के कारणों पर आत्ममंथन करने के बजाय बाहरी संस्थाओं को दोष दे रही है।
राहुल गांधी की कार्यशैली और बयानों पर भी साधा निशानाशिवराज सिंह चौहान ने राहुल गांधी की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि कांग्रेस के पास न तो कोई स्पष्ट राजनीतिक दिशा है और न ही ठोस नीति। इस दौरान उन्होंने राहुल गांधी के उस बयान का उल्लेख किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि उनकी लड़ाई बीजेपी से नहीं, बल्कि ‘इंडियन स्टेट’ से है। चौहान ने इस बयान को लेकर राहुल गांधी की आलोचना की और आरोप लगाया कि कांग्रेस देश को तोड़ने वाली ताकतों के साथ खड़ी हो रही है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता कांग्रेस को स्वीकार नहीं हो रही है।
केंद्रीय मंत्री ने कांग्रेस की मौजूदा राजनीतिक स्थिति के लिए उसके नेतृत्व और नीतियों को जिम्मेदार ठहराया। हालांकि, प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिए गए ये बयान शिवराज सिंह चौहान के राजनीतिक आरोप हैं।
राहुल गांधी और INDIA ब्लॉक की CJI से मुलाकात की मांग पर क्या बोले?राहुल गांधी और INDIA ब्लॉक के सुप्रीम कोर्ट की ओर मार्च करने तथा मुख्य न्यायाधीश (CJI) से मुलाकात की मांग के मुद्दे पर भी शिवराज सिंह चौहान ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि मुख्य न्यायाधीश से मिलने के लिए एक निर्धारित प्रक्रिया होती है और उसका पालन किया जाना चाहिए। जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन को लेकर सवाल पूछे जाने पर चौहान ने कहा कि लोकतंत्र में सभी को विरोध करने का अधिकार है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि प्रदर्शन के नाम पर लोगों को बंधक बनाना या आम नागरिकों के लिए परेशानी पैदा करना उचित नहीं है। उन्होंने जनसुविधाओं का ध्यान रखने की जरूरत पर जोर देते हुए कहा कि विरोध प्रदर्शन के दौरान आम लोगों को होने वाली असुविधा को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए। इस तरह उन्होंने विरोध के अधिकार को स्वीकार करते हुए उसके तरीके और आम जनता पर पड़ने वाले असर को लेकर अपनी आपत्ति जाहिर की।
संवैधानिक संस्थाओं के सम्मान पर दिया जोरशिवराज सिंह चौहान ने कहा कि देश संविधान के अनुसार चलता है और संवैधानिक संस्थाओं का सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस पर न्यायपालिका और अन्य संवैधानिक संस्थाओं के प्रति गलत दृष्टिकोण अपनाने का आरोप लगाया। बातचीत के दौरान उन्होंने राहुल गांधी पर व्यक्तिगत टिप्पणी भी की और उनके बयानों की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए। चौहान का कहना था कि राजनीतिक दलों को संवैधानिक संस्थाओं को लेकर अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए। केंद्रीय मंत्री ने कांग्रेस की चुनावी हार, आंतरिक नेतृत्व विवाद और राहुल गांधी के बयानों को पार्टी की मौजूदा राजनीतिक चुनौतियों से जोड़कर पेश किया। उनकी प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस की रणनीति और संवैधानिक संस्थाओं को लेकर तीखी आलोचना देखने को मिली। हालांकि, कांग्रेस की ओर से इन आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया इस खबर के लिए उपलब्ध जानकारी में शामिल नहीं है।