गणतंत्र दिवस 2026: ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को राष्ट्रपति ने अशोक चक्र से किया सम्मानित, देखें VIDEO

देश आज अपना 77वां गणतंत्र दिवस मना रहा है। राजधानी दिल्ली के कर्तव्य पथ पर भव्य परेड का आयोजन किया गया, जिसमें देशभक्ति की झलक दिखाई दी। इस खास अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने देश के वीर नागरिकों और बहादुरों को उनकी असाधारण सेवाओं और साहस के लिए सम्मानित किया। इस सूची में अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) की यात्रा करने वाले पहले भारतीय ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला का नाम भी शामिल है। राष्ट्रपति ने उन्हें अशोक चक्र से सम्मानित किया, जो देश का सर्वोच्च शांतिकालीन वीरता पुरस्कार है। यह पुरस्कार उन्हें उनके अद्वितीय साहस और असाधारण योगदान के लिए प्रदान किया गया।

शुभांशु शुक्ला के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी

पिछले साल जून में, शुभांशु शुक्ला AXIOM-4 मिशन के जरिए अंतरिक्ष में जाने वाले दूसरे भारतीय बने। वहीं, ISS का दौरा करने वाले पहले भारतीय होने का गौरव भी उनके नाम दर्ज हुआ। उनकी यह 18 दिनों की अंतरिक्ष यात्रा उस ऐतिहासिक उड़ान के 41 साल बाद हुई, जब कॉस्मोनॉट राकेश शर्मा ने सोयुज-11 मिशन के जरिए अंतरिक्ष में भारत का प्रतिनिधित्व किया था।

एक फाइटर पायलट के रूप में शुभांशु शुक्ला के पास अत्याधुनिक विमानों में उड़ान का शानदार अनुभव है। उन्होंने Su-30 MKI, MiG-21, MiG-29, Jaguar, Hawk, Dornier, और An-32 जैसे कई विमान उड़ाए हैं। कुल मिलाकर उनके पास 2,000 घंटे से अधिक की उड़ान का अनुभव है, जो उनकी पेशेवर दक्षता और साहस को दर्शाता है।

AXIOM-4 मिशन में भूमिका

ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने AX-4 मिशन में पायलट के रूप में काम किया और इस दौरान मानव अंतरिक्ष अन्वेषण में भारत की प्रगति पर अमिट छाप छोड़ी। मिशन के दौरान उन्होंने जटिल वैज्ञानिक प्रयोगों का संचालन भी किया, जिससे उनके योगदान को अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष विशेषज्ञों द्वारा मान्यता मिली। इस सफलता के बाद, शुभांशु शुक्ला देशभर में एक जाना-पहचाना नाम बन गए।

मिशन की वैश्विक भागीदारी

AXIOM-4 मिशन को अमेरिका की निजी अंतरिक्ष कंपनी AXIOM Space द्वारा अंजाम दिया गया। इस मिशन में NASA, यूरोपियन स्पेस एजेंसी (ESA), और भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) की भी महत्वपूर्ण भागीदारी रही। यह मिशन वैश्विक सहयोग का एक उदाहरण बन गया और भारत के अंतरिक्ष अभियान की वैश्विक पहचान को और मजबूत किया।