लोकसभा में हालिया भाषणों को लेकर कांग्रेस के भीतर और बाहर चर्चा तेज है। इसी कड़ी में कांग्रेस सांसद रेणुका चौधरी ने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा के भाषणों पर अपनी स्पष्ट राय रखी है। उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं की सोच, व्यक्तित्व और अभिव्यक्ति की शैली एक-दूसरे से बिल्कुल अलग है, इसलिए उनकी आपस में तुलना करना ठीक नहीं है।
रेणुका चौधरी का मानना है कि राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की राजनीतिक अभिव्यक्ति को एक ही तराजू पर तौलना गलत होगा। उनके अनुसार, दोनों की भाषा, विषय चयन और बोलने का अंदाज अलग-अलग है, और यही विविधता कांग्रेस की ताकत भी है।
लोकसभा भाषणों को लेकर बनी तुलना की बहससंसद के शीतकालीन सत्र के दौरान लोकसभा में दिए गए भाषणों के बाद यह चर्चा शुरू हो गई कि प्रियंका गांधी वाड्रा का भाषण ज्यादा प्रभावशाली रहा, जबकि राहुल गांधी इस मौके पर वैसी छाप नहीं छोड़ पाए। सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक इस तुलना पर बहस होती रही।
इसी संदर्भ में जब एक टीवी चैनल ने रेणुका चौधरी से सवाल किया कि प्रियंका ने बेहतर भाषण दिया जबकि राहुल उतना प्रभाव नहीं छोड़ पाए, तो उन्होंने इस धारणा को सिरे से खारिज कर दिया। उनका कहना था कि यह केवल देखने और सुनने का नजरिया है, वास्तविकता इससे कहीं अलग है।
दोनों का बोलने का तरीका और विषय अलगरेणुका चौधरी ने साफ कहा कि प्रियंका गांधी ने अपने विषय पर मजबूती से बात रखी, वहीं राहुल गांधी ने अपने मुद्दों को अलग अंदाज में सदन के सामने रखा। दोनों का स्टाइल अलग था और यही स्वाभाविक भी है। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति का बोलने का तरीका, शब्दों का चयन और प्रस्तुति अलग-अलग होती है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी के भाषण को अच्छा या बुरा कहकर दूसरे से तुलना करना उचित नहीं है। राहुल और प्रियंका दोनों अपने-अपने तरीके से अपनी बात रखते हैं और दोनों ही अपनी भूमिका में प्रभावी हैं।
कांग्रेस के लिए सेब और संतरे जैसे हैं राहुल-प्रियंकारेणुका चौधरी ने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की खुलकर सराहना की। उन्होंने एक दिलचस्प उदाहरण देते हुए कहा कि राहुल और प्रियंका की तुलना सेब और संतरे से की जा सकती है। जैसे फलों में सेब और संतरा दोनों ही खास होते हैं, लेकिन उनका स्वाद, रंग और गुण अलग-अलग होते हैं, ठीक वैसे ही कांग्रेस के लिए राहुल गांधी और प्रियंका गांधी दोनों ही बेहद महत्वपूर्ण हैं।
उन्होंने कहा कि सेब और संतरे में कौन बेहतर है, इस पर बहस करना बेमानी है। दोनों अपनी जगह खास हैं और उनकी तुलना नहीं की जानी चाहिए।
बेहतर वक्ता कौन? सवाल से बचीं रेणुका चौधरीजब रेणुका चौधरी से यह पूछा गया कि राहुल गांधी और प्रियंका गांधी में से बेहतर वक्ता कौन है, तो उन्होंने इस तरह की तुलना से साफ इनकार कर दिया। उन्होंने दोहराया कि जरूरी नहीं है कि कोई एक दूसरे से बेहतर या कमजोर हो। दोनों की राजनीतिक यात्रा, सोच और प्रस्तुति अलग है, और इसी विविधता में कांग्रेस की ताकत छिपी है।