भारतीय रेलवे ने यात्रियों की सुविधा और टिकटिंग प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए नए नियम लागू किए हैं। अब कन्फर्म टिकट के कैंसिलेशन, रिफंड और बोर्डिंग स्टेशन में बदलाव पहले से कहीं आसान हो गया है। यात्रियों को चार्ट बनने का इंतजार करने या पुराने जटिल नियमों में फंसने की जरूरत नहीं होगी।
बोर्डिंग स्टेशन में बदलाव अब और आसानअब यात्री अपनी यात्रा का प्रारंभिक स्टेशन यानी बोर्डिंग पॉइंट ट्रेन चलने से सिर्फ 30 मिनट पहले तक बदल सकते हैं। पहले यह सुविधा केवल चार्ट बनने से पहले (लगभग 4 घंटे पहले) ही उपलब्ध थी। उदाहरण के लिए, यदि आपका टिकट स्टेशन ‘A’ से है लेकिन आप स्टेशन ‘B’ से चढ़ना चाहते हैं, तो अब मोबाइल ऐप के जरिए आप 30 मिनट पहले तक अपने बोर्डिंग पॉइंट को बदल सकते हैं। दिल्ली, मुंबई जैसे बड़े शहरों में, जहां एक ही शहर में कई स्टेशन हैं, यह नियम यात्रियों को अंतिम समय में योजना बदलने की पूरी स्वतंत्रता देता है।
रिफंड और कैंसिलेशन की नई प्रक्रियारेलवे ने रिफंड की प्रक्रिया को पूरी तरह से सरल और यूजर फ्रेंडली बना दिया है। अब आप काउंटर से लिया गया टिकट किसी भी रेलवे स्टेशन से कैंसिल करा सकते हैं। पहले इसे उसी स्टेशन से कैंसिल कराना पड़ता था जहां से टिकट खरीदा गया था। ई-टिकट के लिए अब TDR भरने की जरूरत नहीं है, और रिफंड राशि सीधे आपके बैंक खाते में ऑटोमैटिक ट्रांसफर हो जाएगी।
लास्ट मिनट क्लास अपग्रेड की सुविधाअगर आप अपनी यात्रा की क्लास अपग्रेड करना चाहते हैं, जैसे स्लीपर से AC में, तो अब यह सुविधा ट्रेन चलने से 30 मिनट पहले तक उपलब्ध है। इससे सीटों का बेहतर उपयोग होगा और यात्रियों को आरामदायक सफर का अनुभव मिलेगा।
टिकटिंग सिस्टम में तकनीकी सुरक्षारेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि टिकटिंग सिस्टम में दलालों और बॉट्स को रोकने के लिए नई तकनीक अपनाई गई है। अब तत्काल और सामान्य बुकिंग के लिए आधार कार्ड से जुड़ा OTP अनिवार्य किया गया है, जिससे फर्जी आईडी बनाना नामुमकिन हो गया है। बुकिंग शुरू होने के पहले 30 मिनट में एजेंटों को टिकट बुक करने की अनुमति नहीं होगी। एंटी-बॉट सिस्टम की मदद से रेलवे ने लगभग 3 करोड़ संदिग्ध यूजर आईडी स्थायी रूप से बंद कर दी हैं, जिससे असली यात्रियों को कन्फर्म टिकट मिलने की संभावना काफी बढ़ गई है।