प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की लंबी और अहम बैठक के बाद आने वाले समय में देश में कई बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। इस मैराथन बैठक में पीएम मोदी ने अपने मंत्रियों को विकास, प्रशासनिक सुधार और आम लोगों की जिंदगी को आसान बनाने से जुड़े कई अहम निर्देश दिए। बैठक में खासतौर पर गैर-पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों, बायोगैस, ईंधन बचत और सरकारी कामकाज में तेजी लाने जैसे मुद्दों पर जोर दिया गया। माना जा रहा है कि सरकार अब “ईज ऑफ लिविंग” और “ईज ऑफ डूइंग बिजनेस” को अगले चरण में ले जाने की तैयारी में है।
बैठक के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर मंत्रिपरिषद की तस्वीर भी साझा की। उन्होंने लिखा कि मंत्रियों के साथ हुई यह बैठक बेहद सार्थक रही, जिसमें विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने और सुधारों को तेजी से आगे बढ़ाने को लेकर विचार-विमर्श किया गया। पीएम ने कहा कि सरकार का फोकस ऐसे फैसलों पर रहेगा जो आम नागरिकों के जीवन को आसान बनाएं और कारोबार के माहौल को बेहतर करें।
बैठक में कई वरिष्ठ मंत्री और अधिकारी मौजूद रहे। तस्वीर में प्रधानमंत्री मोदी के साथ गृह मंत्री Amit Shah, सड़क परिवहन मंत्री Nitin Gadkari, कृषि मंत्री Shivraj Singh Chouhan और वित्त मंत्री Nirmala Sitharaman नजर आए। इसके अलावा रेल मंत्री Ashwini Vaishnaw, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार Ajit Doval और पूर्व RBI गवर्नर Shaktikanta Das समेत कई अहम चेहरे बैठक में शामिल थे।
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने मंत्रियों से कहा कि देश को पारंपरिक ऊर्जा पर निर्भरता कम करनी होगी और वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों को तेजी से बढ़ावा देना होगा। उन्होंने विशेष रूप से बायोगैस और स्वच्छ ऊर्जा के इस्तेमाल को बढ़ाने पर जोर दिया। सरकार का मानना है कि इससे न सिर्फ ईंधन की बचत होगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
सूत्रों के अनुसार पीएम मोदी ने मंत्रालयों को यह भी सुझाव दिया कि वे सामूहिक स्तर पर ऐसे कदम उठाएं जिनसे ऊर्जा की खपत कम हो और संसाधनों का बेहतर उपयोग किया जा सके। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में जनता की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए नई योजनाएं और नीतियां लागू की जा सकती हैं। सरकार की प्राथमिकता अब ऐसे सुधारों पर होगी जिनका सीधा असर आम आदमी की जिंदगी पर दिखाई दे।
प्रधानमंत्री ने प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बनाने पर भी जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि जटिल नियमों और लंबी सरकारी प्रक्रियाओं को आसान बनाया जाएगा ताकि लोगों को सरकारी कामों के लिए कम परेशानी उठानी पड़े। इसके साथ ही “रिफॉर्म एक्सप्रेस” को तेज करने की बात कही गई, यानी सुधारों की गति और बढ़ाई जाएगी।
बैठक में फाइलों के तेजी से निपटारे का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। पीएम मोदी ने कहा कि मंत्रालयों को लंबित मामलों को जल्द खत्म करने के लिए तेज काम करना होगा। 21 मई को पांच मंत्रालयों का उदाहरण भी दिया गया, जहां फाइलों का निपटारा अपेक्षाकृत तेज गति से हो रहा है। सरकार अब इसी मॉडल को बाकी मंत्रालयों में भी लागू करना चाहती है।
इसके अलावा मंत्रालयों के बीच बेहतर तालमेल बनाने पर भी जोर दिया गया। प्रधानमंत्री ने कहा कि कई योजनाएं आपसी समन्वय की कमी की वजह से धीमी पड़ जाती हैं, इसलिए अब विभागों के बीच सहयोग बढ़ाना जरूरी है। साथ ही राज्य मंत्रियों को ज्यादा जिम्मेदारी और काम देने की बात भी कही गई, ताकि निर्णय प्रक्रिया में तेजी लाई जा सके।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस बैठक के बाद केंद्र सरकार प्रशासनिक सुधारों, ऊर्जा नीति और सरकारी कामकाज में तेजी को लेकर आने वाले महीनों में कई बड़े फैसले ले सकती है। सरकार का उद्देश्य अब सिर्फ योजनाएं घोषित करना नहीं, बल्कि उनके असर को जमीन पर तेजी से दिखाना भी है।