PM मोदी ने विपक्ष से की अपील – 'सीपी राधाकृष्णन का करें समर्थन'

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उपराष्ट्रपति चुनाव को लेकर विपक्षी दलों से सहयोग की अपील की है। उन्होंने कहा कि एनडीए उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन के समर्थन से राज्यसभा के नए सभापति का चुनाव सर्वसम्मति से संपन्न हो सकता है। प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह लगातार विभिन्न राजनीतिक दलों से संवाद कर रहे हैं और विपक्षी नेताओं से भी इस विषय पर बातचीत कर रहे हैं।

नई दिल्ली में आयोजित एनडीए संसदीय दल की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सीपी राधाकृष्णन को सम्मानित किया और सांसदों से उनका औपचारिक परिचय कराया। बैठक संसद की लाइब्रेरी बिल्डिंग में हुई, जहां बड़ी संख्या में एनडीए सांसद मौजूद थे।

राधाकृष्णन को बताया बेदाग और सरल नेता

बैठक को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सी.पी. राधाकृष्णन उपराष्ट्रपति पद के लिए एक आदर्श प्रत्याशी हैं। उन्होंने अपने राजनीतिक और व्यक्तिगत जीवन में कभी विवादों को स्थान नहीं दिया और सदैव सहज और विनम्र व्यवहार से पहचाने जाते रहे हैं। पीएम ने राधाकृष्णन को ओबीसी वर्ग से आने वाला जमीनी नेता बताया, जो राजनीति को संघर्ष का मैदान मानने के बजाय सेवा का माध्यम मानते हैं।

नेहरू पर एक बार फिर प्रहार

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने सिंधु जल संधि का जिक्र करते हुए स्वतंत्र भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि पहले देश का विभाजन हुआ और फिर पानी का भी बंटवारा कर दिया गया। समझौते के तहत पाकिस्तान को 80 प्रतिशत जल संसाधन दे दिया गया, जो किसानों के हितों के खिलाफ था। पीएम ने इसे किसानों के साथ अन्याय बताया।

नामांकन की तैयारी और सियासी समीकरण

बैठक में प्रधानमंत्री के साथ कई केंद्रीय मंत्री और एनडीए के प्रमुख नेता मौजूद रहे। सूत्रों के मुताबिक, राधाकृष्णन बुधवार (20 अगस्त) को उपराष्ट्रपति पद के लिए अपना नामांकन दाखिल कर सकते हैं। भाजपा नेतृत्व वाले एनडीए के पास लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों में पर्याप्त संख्या है, इसीलिए उनकी जीत लगभग तय मानी जा रही है।

दूसरी ओर विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ (इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस) भी अपने प्रत्याशी को मैदान में उतारने के संकेत दे रहा है। ऐसे में मुकाबला दिलचस्प होने की संभावना है।

67 वर्षीय सीपी राधाकृष्णन तमिलनाडु से ताल्लुक रखते हैं और वर्तमान में महाराष्ट्र के राज्यपाल पद पर कार्यरत हैं। राजनीतिक अनुभव और संगठनात्मक पकड़ को देखते हुए एनडीए ने उन्हें उपराष्ट्रपति पद के लिए सबसे उपयुक्त उम्मीदवार के तौर पर पेश किया है।