ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत ने पाकिस्तान की असलियत दुनिया के सामने लाने के लिए कई प्रतिनिधिमंडलों को विदेश भेजा है। ये प्रतिनिधिमंडल दुनियाभर के 33 देशों में भारत की बात रख रहे हैं। इसी क्रम में कुवैत पहुंचे भारतीय प्रतिनिधिमंडल में शामिल AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री और सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने एक ऐसी तस्वीर का जिक्र किया जो पाक सेना प्रमुख ने पीएम शहबाज शरीफ को भेंट की थी और कहा – ये जोकर भारत से मुकाबला करना चाहते हैं।
कुवैत में भारतीय प्रवासियों के साथ बातचीत के दौरान ओवैसी ने पाकिस्तान की आतंकवाद-समर्थक नीतियों की खुलकर आलोचना की। उन्होंने पाकिस्तान द्वारा TRF जैसे संगठनों को समर्थन देने और उसे FATF ग्रे लिस्ट में दोबारा शामिल किए जाने की आवश्यकता पर जोर दिया। ओवैसी ने कहा कि पाकिस्तान की कथनी और करनी पर भरोसा नहीं किया जा सकता और उसकी तुलना भारत से करना एक मजाक है।
ओवैसी ने पाकिस्तानी सेना प्रमुख द्वारा पीएम शहबाज शरीफ को भेंट की गई 2019 की एक तस्वीर का हवाला देते हुए कहा कि वह तस्वीर असल में चीनी सेना की ड्रिल की थी जिसे पाक ने भारत पर जीत बताकर प्रचारित किया। उन्होंने कहा – “नकल करने के लिए अकल चाहिए और इनके पास वह भी नहीं है। पाकिस्तान के बयानों को तो चुटकी भर नमक के साथ भी नहीं लेना चाहिए।”
भारत के मुसलमानों को बताया पाकिस्तान से बेहतर
ओवैसी ने कहा कि पाकिस्तान धर्म के नाम पर यह दावा नहीं कर सकता कि वहां के मुसलमान ही असली मुसलमान हैं। उन्होंने स्पष्ट किया – “भारत में मुसलमानों की संख्या पाकिस्तान से कहीं अधिक है, और हम उनसे ज्यादा ईमानदार हैं।”
FATF की ग्रे लिस्ट में पाकिस्तान की वापसी जरूरी – ओवैसीAIMIM सांसद ने कहा कि पाकिस्तान को फिर से FATF ग्रे लिस्ट में शामिल किया जाना चाहिए, क्योंकि यह देश भारत के खिलाफ आतंकी गतिविधियों को फंड करने के लिए हवाला और मनी लॉन्ड्रिंग का सहारा लेता है। ओवैसी ने चिंता जताई कि IMF से मिला $2 बिलियन का लोन पाकिस्तान की सेना द्वारा आतंकवाद फैलाने में इस्तेमाल किया जा सकता है।
TRF और पाकिस्तान की भूमिका पर बोले ओवैसीओवैसी ने कहा कि दिसंबर 2023 में भारत ने संयुक्त राष्ट्र 1267 प्रतिबंध समिति को सूचित किया था कि TRF, लश्कर-ए-तैयबा का ही नया नाम है। मई 2024 में फिर से बताया गया कि यह एक पाकिस्तान आधारित आतंकी संगठन है जो भारत पर हमला करने की योजना बना रहा है।
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने इस संबंध में बयान जारी किया, लेकिन पाकिस्तान ने हर कोशिश की कि TRF का नाम सामने न आए। उन्होंने बताया कि TRF ने पहलगाम आतंकी हमले की जिम्मेदारी लेते हुए चार बयान जारी किए थे। भारत की दो सुरक्षा एजेंसियों ने इन बयानों को पाकिस्तान की सैन्य छावनी के पास से जारी होना पाया। इससे पाकिस्तान की प्रत्यक्ष संलिप्तता पूरी तरह स्पष्ट होती है।