मुंबई-गोवा राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण में हो रही देरी को लेकर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने नाराजगी जताई है। गोवा के पर्वरी में 6 लेन एलिवेटेड कॉरिडोर के उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि मुंबई से कोंकण होते हुए गोवा तक जाने वाले इस महत्वपूर्ण मार्ग को पूरा होने में 16 से 17 साल लग गए। गडकरी ने इस देरी को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि उन्हें इतने लंबे समय बाद हाईवे का उद्घाटन करने में शर्मिंदगी महसूस होती है।
गडकरी ने साफ कर दिया कि वह मुंबई-गोवा हाईवे के उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल नहीं होंगे। उन्होंने यह भी कहा कि परियोजना में कई ठेकेदार काम पूरा करने में नाकाम रहे हैं और अब लापरवाही को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
ठेकेदारों और अधिकारियों पर कार्रवाई के संकेतकेंद्रीय मंत्री ने अपने बयान में ठेकेदारों और अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के संकेत दिए। उन्होंने कहा कि उनके विभाग में अब तक सात वर्ल्ड रिकॉर्ड हो चुके हैं, लेकिन अब वह एक और रिकॉर्ड बनाना चाहते हैं। यह रिकॉर्ड एक साल में सबसे ज्यादा कॉन्ट्रैक्टरों को ब्लैकलिस्ट और डिबार करने तथा सबसे ज्यादा अधिकारियों को सस्पेंड करने का होगा।
गडकरी ने कहा कि मुंबई-गोवा मार्ग महाराष्ट्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, लेकिन इसके निर्माण में जिस तरह की देरी हुई, वह दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने बताया कि कई कॉन्ट्रैक्टर काम पूरा करने में विफल रहे हैं। मंत्री ने स्पष्ट किया कि आगे परियोजना के काम में किसी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
हाईवे का कितना काम बाकी है?गडकरी के मुताबिक, मुंबई-गोवा हाईवे का निर्माण अब करीब 90 से 95 फीसदी तक पूरा हो चुका है। उन्होंने बताया कि हाल ही में इस परियोजना को लेकर बैठक भी हुई है। अब वह अक्टूबर में खुद मुंबई से गोवा तक सड़क मार्ग से यात्रा करेंगे।
इस सफर के दौरान गडकरी पूरे हाईवे का निरीक्षण करेंगे और यह देखेंगे कि सड़क का काम किस तरह पूरा किया गया है। उनके मुताबिक, लंबे समय से चल रही इस परियोजना को लेकर अब काम की प्रगति और गुणवत्ता पर सीधे नजर रखी जाएगी।
उद्घाटन से खुद को अलग रखने का ऐलानमुंबई-गोवा हाईवे की देरी पर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए गडकरी ने कहा कि उन्होंने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि वह इसके उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल नहीं होंगे। उनका कहना था कि इतने वर्षों तक काम लंबित रहने के बाद इस सड़क का उद्घाटन करने में उन्हें शर्म महसूस होती है।
गडकरी का यह बयान ऐसे समय आया है जब परियोजना का अधिकांश काम पूरा होने का दावा किया गया है। हालांकि, उन्होंने आगे की प्रक्रिया में जिम्मेदारी तय करने और लापरवाही पर कार्रवाई के संकेत भी दिए हैं।
अपने राजनीतिक भविष्य पर भी बोले गडकरीकार्यक्रम के दौरान नितिन गडकरी ने अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर भी बात की। उन्होंने बताया कि उन्हें कई राज्यों से चुनाव लड़ने के प्रस्ताव मिलते हैं, लेकिन वह अपनी कर्मभूमि और कार्यभूमि से ही चुनाव लड़ेंगे।
गडकरी ने कहा कि जब तक पार्टी उन्हें मौका देती रहेगी, वह अपना मौजूदा निर्वाचन क्षेत्र नहीं छोड़ेंगे। उनके इस बयान से संकेत मिलता है कि आगामी लोकसभा चुनाव में भी वह नागपुर से ही चुनाव लड़ना चाहते हैं।