डिजिटल एन्क्रिप्शन, GPS ट्रैकिंग और AI निगरानी से लैस होगी NEET-UG 2026 की दूसरी परीक्षा, पेपर लीक रोकने के लिए अभूतपूर्व सुरक्षा इंतजाम

NEET-UG 2026 को लेकर एक बड़ा अपडेट सामने आया है। अब यह परीक्षा 21 जून को पुनः आयोजित की जाएगी। 3 मई को हुई पिछली परीक्षा में पेपर लीक की पुष्टि के बाद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने उसे रद्द करने का फैसला लिया था। इसके बाद परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और छेड़छाड़-रहित बनाने के लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। इस बार सरकार और NTA ने मिलकर हाई-टेक सुरक्षा उपायों की पूरी श्रृंखला लागू करने का निर्णय लिया है, ताकि किसी भी तरह की अनियमितता को शुरुआत में ही रोका जा सके।

5G जैमर और GPS आधारित निगरानी से कड़ी सुरक्षा

इस बार देशभर के सभी परीक्षा केंद्रों पर अत्याधुनिक 5G जैमर लगाए जाएंगे, जिनका उद्देश्य मोबाइल नेटवर्क, ब्लूटूथ और अन्य वायरलेस डिवाइस को पूरी तरह निष्क्रिय करना होगा। इससे परीक्षा के दौरान किसी भी इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से नकल या पेपर लीक की संभावना समाप्त करने की कोशिश की जाएगी।

इसके साथ ही प्रश्नपत्रों की डिलीवरी और मूवमेंट पर कड़ी नजर रखने के लिए GPS-आधारित ट्रैकिंग सिस्टम का इस्तेमाल किया जाएगा। प्रिंटिंग प्रेस से लेकर परीक्षा केंद्र तक हर वाहन की रियल-टाइम लोकेशन मॉनिटर की जाएगी, ताकि किसी भी स्तर पर सुरक्षा में चूक न हो सके।

डिजिटल एन्क्रिप्शन से सुरक्षित रहेंगे प्रश्नपत्र

इस बार प्रश्नपत्रों को पूरी तरह डिजिटल एन्क्रिप्टेड फॉर्मेट में तैयार किया जा रहा है। इन्हें विशेष सुरक्षा कोड और मल्टी-लेयर सिक्योरिटी पैकेजिंग के साथ सुरक्षित रूप से प्रिंटिंग केंद्रों तक पहुंचाया जाएगा।

परीक्षा से ठीक पहले इन्हें हाई-सिक्योरिटी माहौल में अनलॉक और प्रिंट किया जाएगा, जिससे ट्रांसपोर्ट या स्टोरेज के दौरान किसी भी तरह के लीक या छेड़छाड़ की गुंजाइश लगभग खत्म हो जाए। अधिकारियों का मानना है कि यह व्यवस्था पेपर लीक रोकने में एक बड़ा तकनीकी कदम साबित हो सकती है।
बायोमेट्रिक सत्यापन और AI आधारित CCTV निगरानी

इस बार परीक्षा में आधार-लिंक्ड बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन को अनिवार्य किया गया है। उम्मीदवारों की पहचान फिंगरप्रिंट और फेस रिकग्निशन के जरिए सुनिश्चित की जाएगी, ताकि कोई भी फर्जी या डमी कैंडिडेट परीक्षा में शामिल न हो सके।

इसके अलावा परीक्षा केंद्रों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित CCTV कैमरे लगाए जाएंगे, जो हर गतिविधि पर नजर रखेंगे। ये कैमरे संदिग्ध व्यवहार की पहचान कर तुरंत अलर्ट जारी करने में सक्षम होंगे, जिससे निगरानी व्यवस्था और अधिक मजबूत हो जाएगी।

सख्त कानून के तहत होगी कार्रवाई


परीक्षा को निष्पक्ष बनाए रखने के लिए पब्लिक एग्जामिनेशन (अनफेयर मीन्स प्रिवेंशन) एक्ट 2024 को सख्ती से लागू किया जाएगा। इस कानून के तहत पेपर लीक या नकल जैसे अपराधों में शामिल पाए जाने वाले व्यक्तियों को 3 से 10 साल तक की सजा और भारी जुर्माने का प्रावधान है।

सरकार का स्पष्ट संदेश है कि परीक्षा प्रक्रिया में किसी भी तरह की गड़बड़ी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

भविष्य में बदल सकता है परीक्षा का स्वरूप

NEET-UG इस साल अभी भी पारंपरिक पेन-पेपर (OMR शीट) मोड में आयोजित किया गया था, जिसमें छात्रों ने उत्तर लिखकर परीक्षा दी थी। लेकिन भविष्य को देखते हुए बड़े बदलाव की तैयारी चल रही है।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के अनुसार, अगले वर्ष से NEET परीक्षा को कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT) मोड में शिफ्ट किया जा सकता है। इस बदलाव का उद्देश्य परीक्षा को और अधिक सुरक्षित बनाना और पेपर लीक जैसी समस्याओं को तकनीक के माध्यम से पूरी तरह खत्म करना है।

यदि यह प्रणाली लागू होती है, तो छात्र कंप्यूटर पर ही प्रश्न हल करेंगे, जिससे परीक्षा प्रक्रिया अधिक नियंत्रित और पारदर्शी हो जाएगी।