ममता को घोटालों के राज खुलने का डर, बीजेपी सांसद रविशंकर का बड़ा हमला

कोलकाता में हालिया ED कार्रवाई के दौरान बाधा डालने के आरोप में बीजेपी ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखा हमला बोला है। बीजेपी का कहना है कि ममता बनर्जी ने ED अधिकारियों को धमकाया और जांच को रोकने की कोशिश की। बीजेपी सांसद रविशंकर प्रसाद ने कहा, बंगाल में ममता जी कोई जांच नहीं होने देती हैं। ऐसा क्या है जिसे वह छिपा रही हैं?

ममता बनर्जी ने लोकतंत्र को शर्मसार किया


बीजेपी कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान रविशंकर प्रसाद ने कहा कि बंगाल में कल जो घटनाएं हुईं, वह आजाद भारत में पहले कभी नहीं देखी गईं। उन्होंने ममता के कार्यों को न केवल अनैतिक और असंवैधानिक बताया, बल्कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया को शर्मसार करने वाला बताया।

रविशंकर ने कहा, ED रेड एक निजी कंपनी के दफ्तर पर थी। हमें समझ नहीं आता कि इसमें ममता जी क्यों घबरा गई हैं। उन्हें डर है कि उनके घोटालों का पर्दाफाश होगा। जांच को रोकना कानून का उल्लंघन है। ममता का हिसाब जनता करेगी।

बीजेपी का आरोप है कि ममता बनर्जी बंगाल में किसी भी जांच को रोकती हैं और ED के अधिकारियों को भी धमकाती हैं।

दिल्ली में TMC सांसदों का विरोध प्रदर्शन

9 जनवरी 2026 को तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद दिल्ली स्थित केंद्रीय गृह मंत्रालय के कार्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन कर रहे थे। इस दौरान डेरेक ओ'ब्रायन, शताब्दी रॉय, महुआ मोइत्रा और कीर्ति आजाद जैसे प्रमुख सांसद शामिल हुए। TMC सांसद ED की कोलकाता में I-PAC कार्यालयों और इसके सह-संस्थापक प्रतीक जैन के आवास पर छापेमारी के खिलाफ विरोध कर रहे थे। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाया और महुआ मोइत्रा व डेरेक ओ'ब्रायन को हिरासत में लिया।

I-PAC क्या है?

इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी (I-PAC) एक राजनीतिक कंसल्टेंसी फर्म है, जिसके डायरेक्टर प्रतीक जैन हैं। I-PAC राजनीतिक दलों को चुनावी रणनीति, डेटा-आधारित अभियान, मीडिया योजना और मतदाता आउटरीच में मदद करती है। पहले इसे सिटीजंस फॉर अकाउंटेबल गवर्नेंस (CAG) कहा जाता था, जिसे 2013 में प्रशांत किशोर और प्रतीक जैन ने मिलकर स्थापित किया था। बाद में इसका नाम I-PAC रखा गया। प्रशांत किशोर के हटने के बाद I-PAC का नेतृत्व प्रतीक जैन के पास आ गया।