किरेन रिजिजू ने ‘रिजीम चेंज’ बयान पर विपक्ष को घेरा, बोले- दुश्मन को एक बार माफ करो, दोस्त को दो बार, गद्दार को कभी नहीं

केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने ‘रिजीम चेंज’ यानी सरकार बदलने की मांग को लेकर चल रहे राजनीतिक विवाद के बीच तीखा बयान दिया है। उन्होंने देश के लोगों से अपील की कि वे गद्दारों को कभी माफ न करें। रिजिजू की यह टिप्पणी वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण के उस बयान के बाद आई है, जिसमें उन्होंने खुले तौर पर ‘रिजीम चेंज’ की मांग स्वीकार की थी। इस मुद्दे को लेकर सत्ताधारी दल के नेताओं और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। किरेन रिजिजू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट साझा करते हुए लिखा, “प्यारे देशभक्त भारतीयों, याद रखें, ‘अपने दुश्मनों को एक बार माफ करो, दोस्तों को दो बार, लेकिन गद्दारों को कभी नहीं’।” केंद्रीय मंत्री ने यह टिप्पणी प्रशांत भूषण की प्रेस कॉन्फ्रेंस का वीडियो साझा करने के बाद की। इस वीडियो में वरिष्ठ वकील ने कथित तौर पर स्पष्ट शब्दों में कहा था, “हां, हम रिजीम चेंज चाहते हैं।”

प्रशांत भूषण के बयान पर रिजिजू का तीखा हमला

प्रशांत भूषण के ‘रिजीम चेंज’ संबंधी बयान को लेकर राजनीतिक विवाद गहराने के बीच रिजिजू ने अपनी पोस्ट के जरिए सरकार बदलने की मांग करने वालों पर निशाना साधा। उन्होंने ‘दुश्मन’, ‘दोस्त’ और ‘गद्दार’ के बीच अंतर बताने वाली टिप्पणी के माध्यम से इस मुद्दे पर अपना रुख जाहिर किया। उनका बयान ऐसे समय आया है, जब सत्ताधारी दल के नेता प्रदर्शन के आयोजकों और विपक्ष पर सरकार को अस्थिर करने की कोशिश करने का आरोप लगा रहे हैं। इस विवाद में प्रशांत भूषण की प्रेस कॉन्फ्रेंस का वीडियो भी राजनीतिक बहस का हिस्सा बन गया है। रिजिजू ने इसे साझा करते हुए उनके बयान पर आपत्ति जताई। भूषण ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में ‘रिजीम चेंज’ की मांग स्वीकार की थी, जिसके बाद सरकार बदलने के उद्देश्य और प्रदर्शन के पीछे की मंशा को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हुई।

कश्मीर पर प्रशांत भूषण के पुराने बयान का वीडियो भी साझा किया

इससे पहले किरेन रिजिजू ने प्रशांत भूषण के वर्ष 2011 के कश्मीर से जुड़े बयान का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर साझा किया था। उस वीडियो में भूषण को यह कहते हुए सुना गया था, “अगर कश्मीरी लोग अलग होना चाहते हैं, तो उन्हें अलग होने दें।” रिजिजू ने इस पुराने बयान को साझा कर प्रशांत भूषण की टिप्पणियों को लेकर अपनी आलोचना जाहिर की। कश्मीर से संबंधित बयान और हालिया ‘रिजीम चेंज’ टिप्पणी को लेकर उनके सोशल मीडिया पोस्ट राजनीतिक चर्चा का हिस्सा बने। हालांकि, स्रोत सामग्री में इस पुराने वीडियो को साझा करने के साथ रिजिजू की ओर से की गई किसी अतिरिक्त विस्तृत टिप्पणी का उल्लेख नहीं है।
‘दिमागी नक्सल बनाम देशभक्त भारतीय’ कहकर भी साधा निशाना

किरेन रिजिजू ने एक अन्य पोस्ट में इस राजनीतिक टकराव को और तीखे शब्दों में पेश किया। उन्होंने संविधान का समर्थन करने वालों और अराजकता फैलाने वालों के बीच अंतर बताते हुए एक्स पर लिखा, “लड़ाई की रेखा खिंच गई है। यह दिमागी नक्सल बनाम देशभक्त भारतीय है।” रिजिजू की इस टिप्पणी से स्पष्ट है कि उन्होंने ‘रिजीम चेंज’ की मांग को लेकर चल रही बहस को देशभक्ति और अराजकता के बीच संघर्ष के रूप में प्रस्तुत किया। वहीं, सत्ताधारी पार्टी के नेताओं ने विपक्ष और प्रदर्शन के आयोजकों पर सरकार को अस्थिर करने की कोशिश करने का आरोप लगाया है। इस तरह ‘रिजीम चेंज’ शब्द के अर्थ और इसके राजनीतिक असर को लेकर बहस लगातार तेज होती दिखाई दे रही है।

राजनाथ सिंह ने भी विपक्ष पर लगाए थे गंभीर आरोप

इससे पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी ‘रिजीम चेंज’ के मुद्दे पर विपक्ष को घेरा था। लखनऊ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों की ओर से इस शब्द का इस्तेमाल किए जाने से उनके उद्देश्य पर सवाल उठते हैं। राजनाथ सिंह के मुताबिक, प्रदर्शन का मकसद अराजकता फैलाकर सत्ता पर कब्जा करना है। राजनाथ सिंह ने दावा किया कि विपक्ष की लड़ाई न तो चुनाव आयोग के लिए है और न ही मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के लिए। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष का एकमात्र उद्देश्य अव्यवस्था पैदा करके सत्ता हासिल करना है। इस बयान के जरिए रक्षा मंत्री ने प्रदर्शन के पीछे की मंशा पर सवाल उठाते हुए इसे चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त से जुड़े मुद्दों से अलग राजनीतिक उद्देश्य बताया।

बांग्लादेश का जिक्र कर लोकतांत्रिक संस्थाओं पर चिंता जताई

लखनऊ में अपने संबोधन के दौरान राजनाथ सिंह ने बांग्लादेश का भी जिक्र किया। उन्होंने ‘रिजीम चेंज’ की वकालत करने वालों पर सरकार गिराने और लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने की कोशिश करने का आरोप लगाया। उनके अनुसार, इस तरह की मांगों को केवल सामान्य राजनीतिक विरोध के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए, क्योंकि उनके मुताबिक इसके पीछे सरकार को अस्थिर करने का उद्देश्य है।

रक्षा मंत्री ने यह भी कहा कि लोकतंत्र का इस्तेमाल अराजकता फैलाने के लाइसेंस के तौर पर नहीं किया जा सकता। उन्होंने राजनीतिक नेताओं से अपील की कि वे जनता के जनादेश और देश की संवैधानिक संस्थाओं का सम्मान करें।

‘रिजीम चेंज’ को लेकर बढ़ी राजनीतिक बयानबाजी

प्रशांत भूषण की टिप्पणी के बाद किरेन रिजिजू और राजनाथ सिंह समेत सत्ताधारी दल के नेताओं ने विपक्ष तथा प्रदर्शन के आयोजकों पर निशाना साधा है। रिजिजू ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में गद्दारों को माफ न करने की बात कही और प्रशांत भूषण का वीडियो साझा किया। इससे पहले उन्होंने कश्मीर से जुड़े भूषण के पुराने बयान का वीडियो भी साझा किया था। वहीं, राजनाथ सिंह ने लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान आरोप लगाया कि ‘रिजीम चेंज’ की मांग का उद्देश्य अराजकता फैलाकर सत्ता हासिल करना और लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करना है। इन बयानों के बीच ‘रिजीम चेंज’ की मांग को लेकर राजनीतिक विवाद और तेज हो गया है।