कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने हाल ही में सत्तारूढ़ भाजपा पर तीखे आरोप लगाते हुए कहा कि 2025 में भाजपा की “लूट, भ्रष्टाचार और गलत शासन” देशवासियों पर हावी रही। उनके इस बयान के बाद भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने पलटवार करते हुए कांग्रेस की आलोचना की और आरोप लगाया कि विपक्ष अब भी झूठ फैलाने से बाज नहीं आ रही, जबकि जनता ने इसे लगातार चुनावों में नकार दिया है।
नड्डा का खंडन और कांग्रेस पर हमलाजेपी नड्डा ने खरगे के पोस्ट का जवाब देते हुए कहा कि कांग्रेस के पास भाजपा पर आरोप लगाने के अलावा और कोई काम नहीं बचा है। उन्होंने बताया कि कांग्रेस मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र में हार गई और दिल्ली व बिहार में भी उसकी स्थिति नगण्य हो गई है। नड्डा ने कहा, “खरगेजी, 2025 में देशवासियों ने आपके सभी झूठों को पहचान लिया। अब आपके पैरों के नीचे कोई जमीन नहीं बची, फिर भी आश्चर्य है कि आप इसे स्वीकार नहीं कर रहे हैं।”
हिंदी दोहे के माध्यम से कटाक्षभाजपा अध्यक्ष ने कांग्रेस की वर्तमान स्थिति पर कटाक्ष करते हुए एक हिंदी दोहा साझा किया और कहा कि विपक्ष को “स्वयं में लिप्त” होने के बजाय आत्ममंथन करने की जरूरत है। उन्होंने खरगे के 14 आरोपों को बिंदुवार खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि मनरेगा को खत्म करने और गरीबों से काम करने का अधिकार छीनने के आरोप पूरी तरह गलत हैं। वास्तव में मनरेगा का विस्तार किया गया, कार्य दिवसों की संख्या 125 कर दी गई और भुगतान 15 दिन के भीतर सुनिश्चित किया गया।
वोट चोरी और मतदाता अधिकार पर पलटवारनड्डा ने कहा कि खरगे ने “वोट चोरी” और मतदाता अधिकार छीनने जैसे आरोप भी लगाए। भाजपा अध्यक्ष ने पूछा कि इस मामले में कांग्रेस ने चुनाव आयोग के सामने कितनी याचिकाएं डालीं। उन्होंने कहा कि लोगों ने इन झूठों को पकड़ा और अदालत ने भी इसे खारिज कर दिया। नड्डा ने जोर देकर कहा कि यह देश की जनता के जागरूकता और न्यायपालिका की निष्पक्षता का प्रमाण है।
अर्थव्यवस्था पर टिप्पणियों का जवाबखरगे द्वारा देश की आर्थिक स्थिति पर सवाल उठाने पर नड्डा ने कहा कि आज भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और वैश्विक संकट के बावजूद सबसे तेजी से बढ़ रही अर्थव्यवस्था भी है। जबकि कांग्रेस शासन के दौरान भारत “फ्रैजाइल फाइव” में था। उन्होंने अरावली खनन, निकोबार, हसदेव और मुंबई के मैंग्रोव जैसे मुद्दों पर खरगे की टिप्पणियों को “पाखंड” और “झूठ” बताया।
न्यायपालिका पर टिप्पणियों का पलटवारनड्डा ने कहा कि कांग्रेस और उसके नेताओं ने न्यायपालिका की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाया है। जब किसी निर्णय से उनकी पार्टी संतुष्ट नहीं हुई, तो उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाया। अब वही पार्टी मद्रास हाईकोर्ट के एक जज के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाने की तैयारी कर रही है।