भारत और यूरोपीय यूनियन के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर मुहर लगते ही देश के व्यापारिक नक्शे में बड़ा बदलाव तय माना जा रहा है। इस समझौते के लागू होते ही भारत को यूरोप के 27 देशों के विशाल बाजार तक सीधी पहुंच मिल जाएगी। इसका सबसे बड़ा फायदा फार्मा, टेक्सटाइल, लेदर, जेम्स-ज्वेलरी, एग्रीकल्चर, मरीन और केमिकल्स जैसे प्रमुख सेक्टर्स को मिलने वाला है। खास बात यह है कि अब भारत के अलग-अलग राज्यों में बनने वाले विशिष्ट उत्पादों को यूरोप में नया और बड़ा प्लेटफॉर्म मिलेगा। इससे न सिर्फ MSME सेक्टर को मजबूती मिलेगी, बल्कि राज्य स्तर पर उद्योगों के विस्तार के साथ रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
FTA से भारत को मिला एक्सपोर्ट का सुनहरा मौकाभारत के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने खुद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि भारत-EU FTA से किस राज्य के कौन-से उत्पाद यूरोपीय देशों तक पहुंचेंगे। उन्होंने कहा कि इस समझौते से भारत के राज्यों को व्यापक आर्थिक लाभ मिलने वाला है। इसी के साथ उन्होंने एक इन्फोग्राफिक भी साझा किया, जिसमें राज्यवार एक्सपोर्ट होने वाले उत्पादों की पूरी सूची दी गई है। आइए, विस्तार से जानते हैं कि किस राज्य से क्या-क्या सामान यूरोप जाएगा।
उत्तर भारत से किन उत्पादों की होगी यूरोप में एंट्री?उत्तर भारत के राज्यों के लिए यह समझौता बड़े अवसर लेकर आया है। पंजाब से कपड़ा, इंजीनियरिंग से जुड़े उत्पाद, खेल सामग्री और कृषि उत्पाद यूरोप भेजे जाएंगे। राजस्थान अपने खेल सामान, हस्तशिल्प, रत्न-आभूषण, टेक्सटाइल और फर्नीचर के जरिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहचान बनाएगा। वहीं, उत्तर प्रदेश से चमड़ा व जूते, फर्नीचर, हस्तशिल्प, इलेक्ट्रॉनिक्स और कृषि आधारित उत्पाद यूरोप एक्सपोर्ट किए जाएंगे।
राज्यवार निर्यात होने वाले प्रमुख उत्पादपंजाब – कपड़ा, इंजीनियरिंग गुड्स, खेल का सामान और कृषि उत्पाद
राजस्थान – खेल का सामान, हैंडीक्राफ्ट्स, रत्न और आभूषण, कपड़ा, फर्नीचर
उत्तर प्रदेश – चमड़ा व जूते, फर्नीचर, हस्तशिल्प, इलेक्ट्रॉनिक्स, कृषि उत्पाद
पश्चिम भारत से केमिकल्स और जेम्स-ज्वेलरी की धूमपश्चिम भारत भी इस FTA से जबरदस्त फायदा उठाने वाला है। गुजरात से टेक्सटाइल, केमिकल्स, इंजीनियरिंग गुड्स, इलेक्ट्रॉनिक्स, दवाएं और चिकित्सा उपकरण, रत्न-आभूषण और समुद्री उत्पाद यूरोप पहुंचेंगे। वहीं, महाराष्ट्र से कपड़ा, इंजीनियरिंग उत्पाद, फार्मास्यूटिकल्स, मेडिकल डिवाइसेज और जेम्स-ज्वेलरी का निर्यात होगा।
गुजरात – कपड़ा, केमिकल्स, इंजीनियरिंग सामान, इलेक्ट्रॉनिक्स, दवाएं, मेडिकल उपकरण, रत्न-आभूषण, समुद्री उत्पाद
महाराष्ट्र – कपड़ा, इंजीनियरिंग गुड्स, दवाएं, चिकित्सा उपकरण, रत्न और आभूषण
साउथ इंडिया के राज्यों को भी मिलेगा बड़ा बाजारदक्षिण भारत के राज्यों के लिए भी यूरोप के दरवाजे खुल गए हैं। कर्नाटक से इंजीनियरिंग गुड्स, फार्मा प्रोडक्ट्स, मेडिकल डिवाइसेज, इलेक्ट्रॉनिक्स और टेक्सटाइल एक्सपोर्ट किए जाएंगे। तेलंगाना से कपड़ा, दवाएं, चिकित्सा उपकरण, इंजीनियरिंग सामान और इलेक्ट्रॉनिक्स यूरोप जाएंगे। आंध्र प्रदेश समुद्री उत्पादों के साथ-साथ टेक्सटाइल और फार्मा सेक्टर में अपनी मौजूदगी दर्ज कराएगा।
कर्नाटक – इंजीनियरिंग गुड्स, दवाएं, चिकित्सा उपकरण, इलेक्ट्रॉनिक्स, कपड़ा
तेलंगाना – कपड़ा, दवाएं, चिकित्सा उपकरण, इंजीनियरिंग सामान, इलेक्ट्रॉनिक्स
आंध्र प्रदेश – समुद्री उत्पाद, कपड़ा, दवाएं, चिकित्सा उपकरण
तमिलनाडु और केरल से कपड़ा, चमड़ा और मसाले होंगे एक्सपोर्टतमिलनाडु अपने मजबूत मैन्युफैक्चरिंग बेस के दम पर कपड़ा, चमड़ा व जूते, इंजीनियरिंग गुड्स, इलेक्ट्रॉनिक्स, प्लास्टिक और रबर उत्पादों का निर्यात करेगा। वहीं, केरल से चाय, मसाले, समुद्री उत्पाद, दवाएं और मेडिकल उपकरण यूरोपीय बाजारों तक पहुंचेंगे।
तमिलनाडु – कपड़ा, चमड़ा और जूते, इंजीनियरिंग गुड्स, इलेक्ट्रॉनिक्स, प्लास्टिक, रबर
केरल – चाय-मसाले, समुद्री उत्पाद, दवाएं, चिकित्सा उपकरण
पूर्व और नॉर्थ-ईस्ट इंडिया से भी बढ़ेगा एक्सपोर्टपूर्वी और पूर्वोत्तर भारत भी इस FTA से पीछे नहीं रहेगा। पश्चिम बंगाल से चाय, मसाले, समुद्री उत्पाद और हस्तशिल्प यूरोप भेजे जाएंगे। वहीं, असम से चाय-मसाले, हस्तशिल्प, फर्नीचर, मिनरल्स, दवाएं, चिकित्सा उपकरण और खनिजों का निर्यात होगा।
पश्चिम बंगाल – चाय और मसाले, समुद्री उत्पाद, हस्तशिल्प
असम – चाय और मसाले, हस्तशिल्प, फर्नीचर, मिनरल्स, दवाएं, चिकित्सा उपकरण, खनिज
कुल मिलाकर, भारत-EU FTA न सिर्फ देश के एक्सपोर्ट को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा, बल्कि राज्यों की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती देगा। आने वाले समय में इसका असर रोजगार, निवेश और औद्योगिक विकास पर साफ तौर पर दिखाई देगा।