भारत और यूरोपीय यूनियन के बीच बहुप्रतीक्षित फ्री ट्रेड एग्रीमेंट आखिरकार साकार हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आधिकारिक रूप से भारत-EU मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर की घोषणा की, जिसे वैश्विक स्तर पर ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ का नाम दिया जा रहा है। यह समझौता दोनों पक्षों के बीच वर्षों से चली आ रही जटिल बातचीत का निर्णायक और सफल परिणाम माना जा रहा है।
इंडिया एनर्जी वीक 2026 के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने इस डील को भारत और यूरोप के लिए नए युग की शुरुआत बताया। उन्होंने कहा कि यह समझौता दोनों क्षेत्रों के नागरिकों, उद्योगों और निवेशकों के लिए अपार संभावनाएं लेकर आएगा। पीएम मोदी के अनुसार, यह साझेदारी दुनिया की दो बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच सहयोग का उत्कृष्ट उदाहरण है, जो वैश्विक GDP के लगभग 25 प्रतिशत और अंतरराष्ट्रीय व्यापार के एक-तिहाई हिस्से का प्रतिनिधित्व करती है।
तस्वीर जो भविष्य की कहानी कहती हैदिल्ली के हैदराबाद हाउस में हुई मुलाकात के दौरान यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो लुइस सैंटोस दा कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से संवाद किया। इस बैठक के बाद सामने आई तीनों नेताओं की साझा तस्वीर को कूटनीतिक गलियारों में बेहद अहम माना जा रहा है।
यह तस्वीर सिर्फ एक औपचारिक मुलाकात नहीं, बल्कि भारत और यूरोपीय देशों के बीच भविष्य में और गहराते रणनीतिक, आर्थिक और राजनीतिक रिश्तों का संकेत देती है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में यह साझेदारी वैश्विक शक्ति संतुलन को नए सिरे से परिभाषित कर सकती है।
ट्रंप के लिए क्यों माना जा रहा है बड़ा झटका?भारत-EU फ्री ट्रेड एग्रीमेंट को पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की वैश्विक व्यापार नीति के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। इसकी झलक हाल ही में ABC न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में भी देखने को मिली, जहां अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने यूरोपीय यूनियन पर रूस-यूक्रेन युद्ध को अप्रत्यक्ष रूप से फंड करने का आरोप लगाया।
बेसेंट ने दावा किया कि यूरोप भारत से रिफाइंड ऑयल प्रोडक्ट्स खरीदता है, जिनका स्रोत रूसी कच्चा तेल है। उनके मुताबिक, इससे रूस को आर्थिक लाभ मिल रहा है और वह उसी धन से अपने खिलाफ चल रही जंग को जारी रखे हुए है। ऐसे बयानों के बीच भारत-EU की यह महाडील वैश्विक राजनीति और व्यापार समीकरणों में एक बड़ा मोड़ मानी जा रही है।