होम लोन पर राहत! फरवरी में RBI फिर घटा सकता है रेपो रेट

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की अगली मॉनेटरी पॉलिसी समीक्षा बैठक 4 से 6 फरवरी के बीच आयोजित होने वाली है। इस बार के रिव्यू में विशेषज्ञों की मानें तो रेपो रेट में 0.25 प्रतिशत की कटौती की संभावना जताई जा रही है। देश की अर्थव्यवस्था वर्तमान में एक महत्वपूर्ण मोड़ पर है और इसके मद्देनज़र अर्थशास्त्रियों का मानना है कि यह कदम कंज्यूमर खर्च और निवेश को बढ़ावा देने में सहायक होगा।

मंहगाई और ग्रोथ के बीच संतुलन

RBI के सामने अभी बड़ी चुनौती मंहगाई को नियंत्रित रखते हुए आर्थिक वृद्धि को बनाए रखने की है। इस समय केंद्रीय बैंक मार्केट में लिक्विडिटी बढ़ाने पर जोर दे रहा है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर रेपो रेट में कटौती की जाती है, तो यह 5.25 प्रतिशत पर आ सकती है। इससे कर्ज लेना सस्ता होगा और उपभोक्ता खर्च में तेजी आने की उम्मीद है।

होम लोन पर असर और बचत

रेपो रेट में कमी का सबसे सीधा असर होम लोन पर पड़ता है। अगर RBI ने इस बार 0.25 प्रतिशत की कटौती की, तो उदाहरण के लिए 20 साल के लिए 50 लाख रुपये के होम लोन पर, जिसकी वर्तमान ब्याज दर 9 प्रतिशत है, हर महीने लगभग 800 रुपये की बचत होगी। ब्याज दर 8.75 प्रतिशत तक गिरने से कुल ब्याज में लगभग 1.9 लाख रुपये की कटौती संभव है। लोन धारक चाहें तो EMI कम कर सकते हैं या EMI उतना ही रखकर लोन की अवधि 10-12 महीने घटा सकते हैं, जिससे 4 लाख रुपये से ज्यादा की बचत होगी।

क्रिसिल की चेतावनी

हालांकि, रेटिंग एजेंसी क्रिसिल ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि बढ़ती महंगाई को देखते हुए RBI अगली पॉलिसी मीटिंग में ब्याज दरों को स्थिर रख सकता है। क्रिसिल का कहना है, महंगाई में निरंतर बढ़ोतरी के कारण फिलहाल पॉलिसी रेट्स में कोई बदलाव की संभावना कम है।

2025 में रेपो रेट में कटौती का ट्रैक

फरवरी 2025 से अब तक MPC ने कुल 125 बेसिस पॉइंट्स की कटौती की है। फरवरी और अप्रैल में 25-25 बीपीएस, जून में 50 बीपीएस और दिसंबर में 25 बीपीएस की कमी की गई। वहीं, अगस्त और अक्टूबर की मॉनेटरी पॉलिसी रिव्यू में रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया गया था।

इस तरह, अगर फरवरी में RBI रेपो रेट घटाता है, तो यह न केवल होम लोन धारकों के लिए राहत लाएगा बल्कि कंज्यूमर खर्च और निवेश को भी बढ़ावा देगा।