सोना-चांदी में जारी रह सकता है दबाव, इस सप्ताह भी कीमतों में कमजोरी के संकेत

कीमती धातुओं के बाजार में फिलहाल नरमी का रुख बना हुआ है और संकेत मिल रहे हैं कि इस सप्ताह भी सोने और चांदी की कीमतों पर दबाव कायम रह सकता है। हालांकि सर्राफा बाजार में रोजाना उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा, लेकिन समग्र रुझान फिलहाल सतर्कता भरा है। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि निवेशक वैश्विक आर्थिक संकेतों, खासकर अमेरिका से आने वाले प्रमुख आंकड़ों पर पैनी नजर रखे हुए हैं।

महंगाई दर, सकल घरेलू उत्पाद (GDP) और फेडरल रिजर्व की नीतिगत दिशा इस समय बाजार की धड़कन तय कर रही है। इसके अलावा, ब्याज दरों में संभावित कटौती कब और कितनी होगी—यह समझने के लिए कारोबारी अमेरिकी श्रम बाजार के डेटा, फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) की बैठक के मिनट्स और फेड अधिकारियों के बयानों का विश्लेषण कर रहे हैं। यही वजह है कि इस सप्ताह भी गोल्ड-सिल्वर में अस्थिरता बनी रह सकती है।

MCX पर चांदी में बड़ी गिरावट

जेएम फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड के उपाध्यक्ष (ईबीजी, कमोडिटी एंड करेंसी रिसर्च) प्रणव मेर के मुताबिक, दीर्घकाल में सोना और चांदी दोबारा मजबूती दिखा सकते हैं, लेकिन फिलहाल बाजार अमेरिकी आंकड़ों से संचालित हो रहा है। खासतौर पर जीडीपी और व्यक्तिगत उपभोग व्यय (PCE) से जुड़े मुद्रास्फीति के आंकड़े कीमतों की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।

घरेलू वायदा बाजार की बात करें तो मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर पिछले सप्ताह चांदी के वायदा भाव में 5,532 रुपये यानी लगभग 2.2 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। यह गिरावट दर्शाती है कि निवेशकों में फिलहाल सतर्कता का माहौल है। दूसरी ओर, सोने में हल्की मजबूती जरूर दिखी, जहां कीमतों में 444 रुपये यानी करीब 0.3 प्रतिशत की मामूली बढ़त देखने को मिली। हालांकि यह तेजी टिकाऊ नहीं मानी जा रही।

मजबूत अमेरिकी रोजगार आंकड़ों का असर

एंजेल वन के उपाध्यक्ष प्रथमेश माल्या ने बताया कि फरवरी 2026 के दौरान सोने की कीमतों में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। 13 फरवरी को सोना 1,80,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के उच्चतम स्तर पर था, लेकिन इसके बाद कीमतें घटकर लगभग 1,53,800 रुपये प्रति 10 ग्राम तक आ गईं।

उनके अनुसार, अमेरिका से आए उम्मीद से बेहतर रोजगार आंकड़ों ने बाजार की धारणा बदल दी है। जब रोजगार डेटा मजबूत आता है, तो यह संकेत देता है कि अर्थव्यवस्था स्थिर है, जिससे ब्याज दरों में कटौती की संभावना कम हो जाती है। इसी वजह से पिछले सप्ताह सोने की कीमतों पर दबाव देखा गया।

सर्राफा बाजार में भी नरमी

वायदा बाजार के साथ-साथ स्पॉट मार्केट में भी कमजोरी साफ नजर आई। पिछले शुक्रवार को दिल्ली के सर्राफा बाजार में चांदी की कीमत में 13,500 रुपये यानी करीब 5.03 प्रतिशत की बड़ी गिरावट दर्ज की गई और यह 2,55,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई। इससे पहले गुरुवार को चांदी 2,68,500 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर थी।

सोने की बात करें तो 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाला सोना भी 2,400 रुपये यानी लगभग 1.5 प्रतिशत गिरकर 1,58,500 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। पिछले कारोबारी सत्र में इसका बंद भाव 1,60,900 रुपये प्रति 10 ग्राम था। यह गिरावट दर्शाती है कि वैश्विक संकेतों का असर घरेलू बाजार पर भी साफ दिखाई दे रहा है।

निवेशकों के लिए संकेत

कुल मिलाकर, इस सप्ताह भी सोना और चांदी दबाव में रह सकते हैं। अमेरिकी आर्थिक आंकड़े, फेड की नीति और वैश्विक बाजार की चाल कीमतों को प्रभावित करती रहेंगी। ऐसे में निवेशकों को जल्दबाजी से बचते हुए बाजार के संकेतों को ध्यान में रखकर रणनीति बनाने की सलाह दी जा रही है।